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टिकट मेरा टारगेट नहीं, बीजेपी की नातियां ही प्राथमिकता: पर्ल चौधरी

टिकट मेरा टारगेट नहीं, बीजेपी की नातियां ही प्राथमिकता: पर्ल चौधरी
पीएम नमो और सीएम मनो ने बढ़ाया देश-प्रदेश का गौरव
बीजेपी की नीतियां समाज के सभी वर्गो के लिए हितकारी
गुरुग्राम।  टिकट मेरा टारगेट नहीं, बीजेपी की नीतियां घर-घर तक पहुंचाना ही प्राथमिकता है। जब से केंद्र और राज्य में पूर्ण बहुमत वाली बीजेपी की सरकार बनी है, सरकार के द्वारा बनाई गई नीतियां और किये गए तमाम फैंसले सभी वर्गों के साथ-साथ आमजन के हितकारी ही साबित हो रहे हैं। यहीं ठोस कारण भी है कि, केंद्र में पीएम मोदी के नेतृत्व में पहले के मुकाबले और भी अधिक जनादेश (303 सीट) देश की जनता ने दी है। अब यही कारनामा एक बार फिर से हरियाणा की जनता भी दोहराने का मन बनाये हुए है। यह बात बीजेपी नेत्री पर्ल चौधरी ने पटौदी में चुनाव कार्यालय का आरंभ किया जाने के बाद में बातचीत के दौरान कही।
यहां गौरतलब है कि अतीत में राव इंद्रजीत सिंह के राजनीतिक गढ़ पटौदी में राव के विरोध के बावजूद भाजपा नेेत्री पर्ल चौधरी के पिता चौधरी भपिंद्र सिंह ने जीत हासिल की थी। उस समय राव इंद्रजीत अज्ञैर चौधरी भूपिंद्र सिंह दोनो ही कांग्रेस में शामिल रहे थे। अब करीब बीते पांच वर्ष से चौधरी भपिंद्र सिंह बीजेपी में ही सक्रिय चल रहे हैं। पर्ल चौधरी उच्च शिक्षित और सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट हैं और उनके पति परमेश रंजन आल इंंडिया टैक्स पेयर एसोशिएसन के महासचिव हैं। इस मौके पर विक्रम यादव, पटौदी निगरानी समिति के अध्यक्ष अनिल भारती, पटौदी बीजेपी मंडल अध्यक्ष नरेश शीलू चौहान, बोहड़ाकला सरपंच यादवेंद्र गोगली, गुलशन शर्मा, नित्यानंद सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
पर्ल चौधरी ने कहा कि, पीएम मोदी और सीएम मनोहर ही, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और बेटी खिलाओ योजना से बेहद प्रभावित हैं। आज सभी अभिभावकों को बिना भेदभाव अपनी बेटियों को यथा सामर्थ उच्चतर शिक्षा दिलानी चाहिये, वैसे भी सरकार बेटियों की शिक्षा सुविधा के लिए क्रांतिकारी कार्य कर रही है। समाज और राष्ट्र के बदलाव सहित तरक्की के लिए हर लडक़ी का शिक्षित होना बेहद जरूरी है।
अपने राजनीति में आगमन के सवाल पर पर्ल चौधरी ने कहा कि, रातनीति तो बचपन से उनके खून में ही है, पिता चौधरी भपिंद्र सिंंह लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और उनके अनुभव के साथ ही मार्गदर्शन भी मिल रहा है। रही बात पटौदी से बीजेपी की टिकट की तो, टिकट मांगना हर कार्यकर्ता का अधिकार है। अंतिम फैंसला तो पार्टी की चुनाव समिति सहित हाईकमान ही करता है। लेकिन रातनीति एक एेसी प्लेटफार्म है, जहां से कोई भी नेता, कार्यकर्ता जन समस्याओं सहित इलाके के हक के लिए आवाज बुलंद कर लोगों की परेशानी दूर करवा सकता है। आज राजनीति हो या अन्य कोई भी क्षेत्र, पढ़े लिखे लोगों को ही आगे आना चाहिये। अब पटौदी में सक्रिय होने का एक ही मकसद-उद्देश्य है कि लंबे समय तक इलाके के लोगों की हर संभव मद्द सहित सेवा करना, चुनाव के लिए टिकट मिले या नहीं मिले।