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बनकर तैयार हुआ गोरखपुर खाद कारखाना, प्रतिदिन 38 हजार मीट्रिक टन यूरिया का होगा निर्माण

हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के चेयरमैन श्रीकांत माधव वैद्य रविवार सुबह खाद कारखाना पहुंच गए हैं। उन्होंने एचयूआरएल के वाइस चेयरमैन और एनटीपीसी के डायरेक्टर यूके भट्टाचार्य और एचयूआरएल के डायरेक्टर एके गुप्ता के साथ निरीक्षण किया।

गोरखपुर। हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के चेयरमैन श्रीकांत माधव वैद्य रविवार सुबह खाद कारखाना पहुंच गए हैं। उन्होंने एचयूआरएल के वाइस चेयरमैन और नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन (एनटीपीसी) के डायरेक्टर यूके भट्टाचार्य और एचयूआरएल के डायरेक्टर एके गुप्ता के साथ निरीक्षण किया।

खाद कारखाना का काम 95 फीसद से ज्यादा पूरा हो चुका है। जुलाई में खाद कारखाना की शुरुआत होनी है। अब परिसर के अंदर के काम पर जोर दिया जा रहा है। चार मार्च को उर्वरक एवं रसायन मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खाद कारखाना आएंगे। वह रबर डैम का लोकार्पण करेंगे। 28 करोड़ रुपये की लागत से दक्षिण कोरिया से आए विशेष रबर से बने इस डैम पर गोलियों का भी असर नहीं होगा। लोकार्पण के साथ ही मंत्री और मुख्यमंत्री खाद कारखाना परिसर का निरीक्षण कर मशीनों के संचलन की विधि समझेंगे।

सबसे ऊंचा है प्रीलिंग टावर

खाद कारखाना में बना प्रीलिंग टावर 149.6 मीटर ऊंचा है। दावा है कि यह विश्व का सबसे ऊंचा प्रीलिंग टावर है। प्रीलिंग टावर के ऊपरी हिस्से में घोल गिराकर सबसे छोटे दाने वाले नीम कोटेड यूरिया बनाने की शुरुआत की जाएगी।

अफसरों संग करेंगे बैठक

उर्वरक एवं रसायन मंत्री और मुख्यमंत्री के निरीक्षण के मद्देनजर खाद कारखाना परिसर पहुंचे चेयरमैन अफसरों संग बैठक करेंगे। खाद कारखाना में मैन पावर की जरूरत और बिक्री नेटवर्क और बढ़ाने पर भी चेयरमैन बात करेंगे।

75 सौ करोड़ से हो रहा निर्माण

खाद कारखाना का शिलान्यास वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। निर्माण पर 75 सौ करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत आ रही है। रोजाना 38 हजार मीट्रिक टन नीम कोटेड यूरिया का निर्माण होगा।

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