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यूपी में चुनावी ड्यूटी में मृत्यु या गंभीर घायल होने पर अनुग्रह राशि बढ़ी, जानें- अब कितनी मिलेगी सहायता

उत्तर प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान चुनावी ड्यूटी में किसी कर्मचारी की असामयिक मृत्यु होने या गंभीर घायल होने पर मिलने वाली अनुग्रह राशि में बढ़ोत्तरी की गई है। यूपी कैबिनेट बाई सर्कुलेशन सरकार ने इस आशय का निर्णय किया है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान चुनावी ड्यूटी में किसी कर्मचारी की असामयिक मृत्यु होने या गंभीर घायल होने पर मिलने वाली अनुग्रह राशि में बढ़ोत्तरी की गई है। सोमवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन सरकार ने इस आशय का निर्णय किया है।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि चुनावी प्रशिक्षण अथवा मतदान और मतगणना ड्यूटी के दौरान किसी असामयिक दुर्घटना में मृत्यु होने पर दस लाख रुपये की अनुग्रह राशि अनुमन्य थी, जिसे अब बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है। चुनावी ड्यूटी के दौरान किसी असामयिक दुर्घटना जैसे-आतंकवादी हिंसा, असामाजिक तत्वों द्वारा हत्या, रोड माइन्स, बम विस्फोट, हथियारों से आक्रमण आदि की दशा में मृत्यु होने पर वर्तमान में दी जाने वाली 20 लाख रुपये की अनुग्रह राशि को बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दिया गया है।

इसके अलावा चुनावी हिंसा में किसी अंग की स्थायी दिव्यांगता (पूरी आंख, हाथ, पैर आदि की पूरी दिव्यांगता) की दशा में वर्तमान में 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि अनुमन्य थी, जिसे बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है। किसी अन्य कारण से घटित दुर्घटना में किसी अंग की स्थायी दिव्यांगता (पूरी आंख, हाथ, पैर आदि पूरी दिव्यांगता) में प्रदान की जाने वाली पांच लाख रुपये की राशि को बढ़ाकर 7.50 लाख रुपये कर दिया गया है।

विवि नहीं, बनेगा फोरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट : लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस और फोरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा की गई थी। इस पर काम भी शुरू हो चुका है। अब शासन ने निर्णय किया है कि विवि के स्थान पर उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फोरेंसिक साइंस बनाया जाएगा। साथ तकनीकी विवि से समझौता करार भी किया जाएगा।

उपनिरीक्षक भी देंगे फायर एनओसी : शासन ने कैबिनेट बाई सर्कुलेशन प्रस्ताव लाकर उद्यमियों की सुविधा को देखते हुए व्यावसायिक भवनों व परिसरों में अग्निसुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश अग्नि निवारण और अग्नि सुरक्षा नियमावली-2005 में संशोधन किया है। इसके तहत अब निरीक्षक की तरह ही उपनिरीक्षक भी अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे।

ये भी हुए फैसले

  • हाइड्रो पावर परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग के आधार पर 400 मेगावाट दीर्घकालीन (25 वर्ष) बिजली खरीदने की अनुमति।
  • अयोध्या में नयाघाट के पास पहले से बने प्रवेश द्वार को ध्वस्त किया जाएगा।
  • वाराणसी के विभिन्न थानों के प्रशासनिक, आवासीय और अनावासीय भवनों को निष्प्रयोज्य घोषित कर ध्वस्त करने की मंजूरी।
  • पुलिस विभाग के पूर्व निर्मित भवनों को निष्प्रयोज्य घोषित कर ध्वस्तीकरण कराने का फैसला।
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