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गोरखपुर : यूक्रेन में फंसी गोरखपुर के छात्रा कीआपबीती:एयरपोर्ट पहुंची तो हो गया हमला, दुकानें बंद-सड़कों पर सन्नाटा; चचेरा भाई के साथ खौफ के साए में शिवांगी; घर में भी लग रहा डर

यूक्रेन में फंसी गोरखपुर के छात्रा कीआपबीती:एयरपोर्ट पहुंची तो हो गया हमला, दुकानें बंद-सड़कों पर सन्नाटा; चचेरा भाई के साथ खौफ के साए में शिवांगी; घर में भी लग रहा डर

तपन बोस
इंडिया नाऊ 24
गोरखपुर

गोरखपुर3 घंटे पहले

गोरखपुर के रजही के रहने वाले राम अवतार मौर्य की 23 वर्षीय बेटी शिवांगी भी यूक्रेन में फंसी हुई है।
गोरखपुर के रजही के रहने वाले राम अवतार मौर्य की 23 वर्षीय बेटी शिवांगी भी यूक्रेन में फंसी हुई है।

यूक्रेन और रूस के बीच छिड़ी जंग की आच अब गोरखपुर तक पहुंच गई है। यूपी के 30 हजार छात्रों सहित गोरखपुर के भी करीब दर्जन भर से अधिक छात्र यूक्रेन के अलग- अलग शहरों में फंसे हुए हैं। इनमें गोरखपुर की एक छात्रा सहित दो अन्य शामिल हैं। युद्ध की खबर के बाद से परिवार के लोग अपने बच्चों की सलामती की दुआ मांग रहे हैं। हर कोई अपने बच्चों को जल्द से जल्द वतन वापसी कराने में लगा है।

फोन और वीडियो कॉल पर परिवार के लोग लगातार अपने बच्चों को ढांढस बंधा रहे हैं। गोरखपुर के रजही के रहने वाले राम अवतार मौर्य की 23 वर्षीय बेटी शिवांगी भी यूक्रेन में फंसी हुई है। उसके साथ उसका चचेरा भाई परशुराम भी है। शिवांगी यूक्रेन के जेप्रोजिया शहर के जेप्रोजिया स्टेट नेशनल यूनिवर्सिटी में MBBS की छात्रा है। जबकि परशुराम एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है।

23 फरवरी का फ्लाइट टिकट भी बुक कराया था, लेकिन अचानक फ्लाइट कैंसिल हो जाने की वजह से दोनों वहीं फंस गए।

23 फरवरी का फ्लाइट टिकट भी बुक कराया था, लेकिन अचानक फ्लाइट कैंसिल हो जाने की वजह से दोनों वहीं फंस गए।

टिकट होने के बाद भी नहीं हो सकी वापसी
रुसी सेना के हमले के बाद से लगातार वहां डर का माहौल है। जबकि परिवार में मातम छाया हुआ है। हालांकि युद्ध की आशंका की खबर मिलते ही शिवांगी के पिता राम अवतार ने बेटी और भतीजे की वापसी के लिए 23 ​फरवरी का फ्लाइट टिकट भी बुक कराया था, लेकिन अचानक फ्लाइट कैंसिल हो जाने की वजह से दोनों वहीं फंस गए। फिलहाल घर वापसी का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। परिवार के लोगों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। जबकि यूक्रेन में फंसे छात्र लगातार अंबेसी के संपर्क में हैं। आश्वासन मिला है कि स्थिति सामान्य होते ही उनकी वतन वापसी कराई जाएगी।

शिवांगी 12वीं के बाद से ही कोटा में MBBS की तैयारी करने चली गई।

शिवांगी 12वीं के बाद से ही कोटा में MBBS की तैयारी करने चली गई।

12 दिसंबर को यूक्रेन गई थी शिवांगी दरअसल, रहजी के रहने वाले राम अवतार मौर्य यहां शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। परिवार में उनकी पत्नी मंजू मौर्य के अलावा बेटी शिवांगी और बेटा आलोक है। शिवांगी 12वीं के बाद से ही कोटा में MBBS की तैयारी करने चली गई। लेकिन यहां एडमिशन नहीं मिला। चौरीचौरा के अकटहिया मटिहारी के रहने वाले उनके रिश्तेदार लल्लन प्रसाद मौर्य का बेटा परशुराम यूक्रेन में जॉब करता है।

जिसके जरिए बीते 12 दिसंबर को उसका यूक्रेन के जेप्रोजिया स्टेट नेशनल यूनिवर्सिटी में सिलेक्शन हो गया। इसके बाद वे जेप्रोजिया चली गई। परिवार के लोगों के मुताबिक अब तक सबकुछ ठीक चल रहा था, लेकिन इन दिनों युद्ध की आशंका की खबर मिलते ही पिता ने इंडिया आने का टिकट करा दिया। शिवांगी और परशुराम की 23 को फ्लाइट थी, लेकिन एयरपोर्ट पहुंचते ही उन्हें पता चला कि रूसी सेना के हमले में एयरपोर्ट का रडार उड़ गया है। जिसकी वजह से सभी फ्लाइट्स कैंसिल कर ​दी गई है।

बॉलकनी में भी खड़े होने से लगता डर, खाने की भी किल्लत

भास्कर से वीडियो कॉल पर बात करते हुए शिवांगी और परशुराम ने बताया कि फिलहाल दोनों सेफ हैं, लेकिन वहां स्थिति ठीक नहीं है। डर की वजह से सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। पूरी तरह से कर्फ्यू का माहौल है। दुकानें बंद हैं, ​खाने के सामानों की भी अब किल्लत होने लगी है।

हालात यह है कि डर की वजह से कोई घरों की बॉलकनी पर भी नहीं आता, न जाने कब और कहां से कोई बम आकर गिर जाए। खुद को हिम्मत देने का एकमात्र सहारा है परिवार से बात करना। लेकिन शिवांगी और परशुराम जब भी घर कॉल करते हैं तो परिवार के लोग और परेशान हो जा रहे हैं। फोन पर बच्चे और उनके माता- पिता सिर्फ रो- रोकर एक- दूसरे का ढांढस दे रहे हैं।

बात करते हुए मां मंजू का गला बार- बार भर आता है। उनकी आंखों से बह रहे आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।

बात करते हुए मां मंजू का गला बार- बार भर आता है। उनकी आंखों से बह रहे आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।

एक बार वापस आ जाए दीदी…फिर नहीं जाने देंगे
10वीं में पढ़ने वाला शिवांगी का भाई आलोक कहता है कि एक बार दीदी किसी तरह से वापस आ जाए, फिर इसके बाद हम लोग उसे वापस नहीं जाने देंगे। अगर स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं होती तो पढ़ाई छूट भी जाए तो उसे वापस नहीं जाने देंगे। बात करते हुए मां मंजू का गला बार- बार भर आता है। उनकी आंखों से बह रहे आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। पिता रामअवतार किसी तरह से यहां परिवार और वहां बच्चों को ढांढस देने में जुटे हैं।

लेकिन बात करते हुए उनकी आंखे भी छलक उठती हैं। शिवांगी ने भास्कर से यूक्रेन के जेप्रोजिया शहर का वीडियो भी शेयर किया है। जिसमें पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है। सड़कों पर घर और गाड़ियों के अलावा कुछ भी नहीं है। फिलहाल स्थिति खराब है, लेकिन शिवांगी और परशुराम अभी पूरी तरह से सेफ हैं। परिवार और आसपास के लोग दोनों की सलामती और वतन वापसी की दुआ मांग रहे हैं।

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