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गोरखपुर : नशे से रहना है दूर और यातायात नियमों का पालन करना है भरपूर

गोरखपुर

नशे से रहना है दूर और यातायात नियमों का पालन करना है भरपूर

नशा से समाज और परिवार को रखे दूर – एसपी यातायात

इंडिया नाऊ 24
तपन बोस
गोरखपुर

हम सभी का जीवन बहुमूल्य है इस संकल्प के साथ आज दिनांक 22:06:2022 को स्कूल ऑफ नर्सिंग गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय के सभागार में सड़क सुरक्षा जागरूकता एवं नशा मुक्ति अभियान के तहत गोरखपुरवासियों को जागरूक किया जा सके इस संकल्प के साथ यातायात पुलिस द्वारा सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें यातायात पुलिस अधीक्षक डॉ महेंद्र पाल सिंह तथा आरटीओ महोदया अनीता सिंह व स्कूल ऑफ नर्सिंग के एमडी श्री आशुतोष मिश्रा स्कूल के प्रिंसिपल लोरेटा याकूब व डॉ प्रियंका तथा निरीक्षक यातायात श्री मनोज राय तथा नर्सिंग के छात्रा उपस्थित रहे इस दौरान पुलिस अधीक्षक यातायात ने छात्राओं को संबोधन करते हुए बताया कि हम सभी की जिम्मेदारी है कि यातायात नियमों का पालन करें हमारा मकसद चालान करना नहीं होता है बल्कि लोगों के सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारे ऊपर है जिसका हम लोग निर्वहन करते हैं मूल बात यह है कि यदि यातायात करते समय हेलमेट अथवा तथा सीट बेल्ट का प्रयोग करते हैं तो उससे आपके जीवन की सुरक्षा होती है तथा दुर्घटना होने के संभावना कम होती है उस मानक के हेलमेट का प्रयोग करें जिसका वजन 3kg से अधिक हो तथा आईएसआई द्वारा प्रमाणित हो
यातायात करने का गोल्डन रूल यही है कि *पहले आप* का भाव रखते हुए पहले दूसरों को रास्ता दे आजकल ज्यादातर लोग रास्ता ना देने पर रोड रेज पर उतारू हो जाते हैं जिससे जान और माल की हानि होती है इससे आप सभी लोगों को बचने की आवश्यकता है तथा पहले आप के तर्ज पर दूसरों को रास्ता दे और बिना वजह के हॉर्न का प्रयोग ना करें जिससे स्वयं का अथवा दूसरे का बीपी बढ़े ।गोरखपुर शहर में सदर हॉस्पिटल से बीआरडी मेडिकल कॉलेज तक गम्भीर मरीज़ों को द्रुत गति से पहुँचाने के लिए ग्रीन कॉरिडर बनाया गया है जिसमें यदि कोई एंबुलेंस सदर हॉस्पिटल से बीआरडी मेडिकल कॉलेज के लिए निकलती है तो सड़क पर मौजूद सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि बाया लेन को खाली रखें जिससे एंबुलेंस समय से पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज तक पहुंच सके ।इसके लिए आईटीएमएस द्वारा सभी चौराहों पर अनाउंस भी किया जाता है ।आप लोगों द्वारा जिस भी वाहन का प्रयोग किया जाता है , सुरक्षा एवं जीवन रक्षा हेतु उसके वायु प्रदूषण तथा फ़िट्नेस जांच समय-समय पर कराते रहें यदि चारपहिया वाहन 40000 किलोमीटर चली है तो उसके टायर को बदल देना चाहिए जिससे अनहोनी से बचा जा सके।

गोरखपुर शहर के विभिन्न चौराहों पर कैमरे लगाकर आईटीएमएस द्वारा कंट्रोल किया जा रहा है जिससे यदि आपके द्वारा कहीं भी किसी प्रकार के घटना / दुर्घटना या दुर्व्यवहार किया जाता है तो इसका रिकॉर्ड हमारे पास उपलब्ध रहता है जिससे उस व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही की जाती है ।गोरखपुर शहर के यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग ज़रूरी है अक्सर यह देखने को मिलता है कि जब हम लोग बड़े शहरों में दिल्ली ,कोलकाता या मुंबई जाते हैं तो वहां पर यातायात नियमों का पालन करते हैं तथा वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट अथवा सीट बेल्ट का प्रयोग करते हैं लेकिन जब आप अपने शहर गोरखपुर में होते हैं तो यातायात नियमों को भूल जाते हैं तथा हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग नहीं करते हैं और ऐसा नहीं होना चाहिए कि पुलिस ज़बरदस्ती ही आपसे सीट बेल्ट अथवा हेलमेट नियमों का पालन कराये ,इसका प्रयोग हम लोगों द्वारा स्वयं की रक्षा के लिए करनी चाहिए ।
और यह भी बताया गया कि हमारे देश में मादक पदार्थों का सेवन ज्यादातर नए उम्र के लोगों द्वारा की जाती है तथा अक्सर देखने को मिलता है कि शाम को लोगों द्वारा नशा के दौरान वाहन चलाते हैं जिससे व्यक्ति की मानसिक निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है और वाहन को सही से नहीं चला पाता है l

जिससे दुर्घटना होती है और इस दुर्घटना में अपने साथ-साथ दूसरे लोगों की भी जान जोखिम में डालता है हम सभी का यह कर्तव्य है कि आसपास के घर परिवार अथवा रिश्तेदार में कोई व्यक्ति द्वारा मादक पदार्थ का सेवन किया जाता है तो उस व्यक्ति को नशा मुक्त करने के लिए हम सबको प्रयास करने चाहिए ।आप लोगों से यह अनुरोध है कि यह सभी बातें दूसरे लोगों तक तथा अपने घर में जरूर पहुंचाएं और लोगों को जागरूक करने में मदद करें और यह भी बताया कि आप लोगों को कोई आवश्यकता है तो 112 पर कॉल कर सकते हैं l

आपके पास तुरंत पुलिस पहुंचेगी और आपकी समस्या का समाधान करने के भरपूर कोशिश करेगी आप लोगों द्वारा यह देखा गया होगा कि कोरोना काल के दौरान पुलिस के द्वारा लोगों की मदद की गई पुलिस 24 घंटे आपकी सेवा करने के लिए सदैव तत्पर है इसके उपरांत आरटीओ महोदय द्वारा गोल्डन हावर के बारे में बताया गया के जब किसी की दुर्घटना हो जाती है उस समय से लेकर अस्पताल पहुंचने तक के समय को गोल्डन आवर कहते हैं इसके उपरांत यातायात निरीक्षक श्री मनोज राय द्वारा बताया गया यदि आप यह सोच रहे हैं कि बिना हेलमेट तथा बिना सीट बेल्ट के वाहन गोरखपुर शहर में चला लेंगे और बिना चालान के बच जाएंगे तो ऐसा नहीं है शहर के 21 चौराहों पर कैमरा लगाया गया है जिसको आईटीएमएस द्वारा कंट्रोल किया जाता है और वही से ऑनलाइन चालान किया जाता है यदि कोई व्यक्ति द्वारा नशा करके वाहन चलाया जाता है तो उसका 10000 का चालान किया जाता है इसके उपरांत कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को यातायात का पालन तथा नशा मुक्ति में सहयोग करने के लिए शपथ दिलाई गई l

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