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गोरखपुर : साइबर ठगों ने डॉक्टर से ठगे साढ़े 7 लाख:बिजली बिल जमा करने के नाम पर फंसाया, गोरखपुर में पहला केस सामने आया

साइबर ठगों ने डॉक्टर से ठगे साढ़े 7 लाख:बिजली बिल जमा करने के नाम पर फंसाया, गोरखपुर में पहला केस सामने आया

Tapon Bose
India now24 Gorakhpur

ठगी के शिकार डॉ मुखर्जी ने शुक्रवार को एसएसपी दफ्तर में एसएसपी डॉ विपिन तांडा से मुलाकात कर जालसाजी की शिकायत की।

साइबर अपराधी रोज ठगने के नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। अब बिजली बिल के नाम पर रुपये ठगने का नया ट्रेंड आ गया है। गोरखपुर में शुक्रवार को पहला केस सामने आने पर एसएसपी ने इसकी जांच साइबर सेल से करानी शुरू कर दी है। गोरखपुर में एक डॉक्टर से जालसाजों ने बिजली बिल जमा करने के नाम पर 7 लाख 60 हजार रुपये विभिन्न खातों में जमा करा लिया।

शाहपुर के डॉक्टर से हुई ठगी

शाहपुर इलाके के असुरन गीता वाटिका के पास के रहने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग डॉ मुखर्जी शुक्रवार की दोपहर एसएसपी दफ्तर पहुंचे। उन्होंने एसएसपी को ऐप्लीकेशन देकर बताया कि उनके साथ साइबर ठगी हुई है। बताया कि बिजली के बिल जमा करने के लिए दस दिन पूर्व उनके पास टोल फ्री नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने कहा कि जल्दी से ऑनलाइन बिल जमा करिए नहीं तो ​आपकी बिजली काट ​दी जाएगी।

डॉक्टर मुखर्जी ने बताया कि जालसाजों ने उनसे 10 बार में अलग अलग खातों में कुल 7 लाख 60 हजार रुपये मंगा लिए। बाद में जब वे बिजली दफ्तर पता करने गए तो पता चला कि बिल जमा ही नहीं हुआ है।जिसके बाद एसएसपी डॉ विपिन तांडा ने उन्हें साइबर सेल भेजा और वहां के पुलिसकर्मियों को जल्द से जल्द पैसे वापस कराने की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। साइबर सेल के अनुसार इस तरह का यह पहला केस आया है।

खाते में भेज रहे 10 हजार क्लेम कर रहे 1 लाख
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जालसाजों ने एक और नया तरीका अपनाया है। जिसके तहत वे पहले किसी के खाते में 10 हजार या 1 हजार ट्रांसफर कर रहे हैं। फिर फोन कर 1 लाख या 10 हजार की मांग कर रहे हैं। नहीं देने पर मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देते हैं।

झंगहा पुलिस ने जालसाजी के आरोपी सरवन पासवान को गिरफ्तार किया।

धोखाधड़ी कर रुपये निकालने का आरोपी गिरफ्तार
झंगहा पुलिस ने धोखाधड़ी कर बैंक से रुपये निकालने के आरोपी सरवन पासवान पुत्र भगवान दास निवासी गहिरा रधुनाथपुर को शुक्रवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार 8 मई 2022 को थाने के साइबर हेल्प डेस्क के जरिए तहरीर प्राप्त हुआ था।

जिसकी जांच की गई तो पता चला कि 85 हजार रुपये एटीएम से निकाला गया है। जिसके बाद साइबर सेल को e-mail id के माध्यम से जानकारी दी गई। मामले में 12 मई को आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया और उसे शुक्रवार को गिरफ्तार कर दो एटीएम कार्ड, 1150 रुपये बरामद कर गिरफ्तार कर लिया गया।

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