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मशहूर मराठी निर्देशक सुमित्रा भावे ने दुनिया को कहा अलविदा, 78 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

मराठी सिनेमा की दिग्गज निर्देशिका सुमित्रा भावे अब इस दुनिया में नहीं रहीं। उनका सोमवार को 78 साल की उम्र में पुणे में निधन हो गया है। सुमित्रा भावे मराठी सिनेमा का एक जाना-माना चेहरा थीं। वह बेहतरीन निर्देशिका के अलावा मशहूर कहानीकार पटकथा लेखिका और गीतकार भी थीं।

नई दिल्ली। मराठी सिनेमा की दिग्गज निर्देशिका सुमित्रा भावे अब इस दुनिया में नहीं रहीं। उनका सोमवार को 78 साल की उम्र में पुणे में निधन हो गया है। सुमित्रा भावे मराठी सिनेमा का एक जाना-माना चेहरा थीं। वह बेहतरीन निर्देशिका के अलावा मशहूर कहानीकार, पटकथा लेखिका और गीतकार भी थीं। उन्होंने अपने करियर में एक से बढ़कर फिल्मों के लिए गाने और कहानियां लिखीं, जिनकी हमेशा तारीफ होती है।

अंग्रेजी वेबसाइट टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार सुमित्रा भावे लंबे समय से उम्र से संबंधित बीमारियों से जूझ रही थी। वह कुछ समय के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में अपना इलाज करवा रही थीं। सुमित्रा भावे मध्य फेफड़ों के रोग से ग्रस्त थी, जोकि एक खतरनाक बीमारी होती है। सुमित्रा भावे का जन्म 12 जनवरी 1943 को पुणे में हुआ था। उन्होंने मराठी सिनेमा की कई लोकप्रिय फीचर फिल्मों का निर्देशन किया था। इतना ही नहीं उन्होंने 50 से ज्यादा लघु फिल्मों और कुछ मराठी सीरियल्स का भी निर्देशन किया था।

सुमित्रा भावे ने ‘दहावी फ’, ‘संहिता’, ‘दोघी’, ‘नितल’, ‘अस्तु’ और ‘वेलकम होम’ सहित कई बेहतरीन फिल्मों का निर्देशन किया था। सुमित्रा भावे ने 1980 के दशक में सुनील सुकथनकर के साथ मिलकर कई फिल्मों को निर्देशन भी किया था। इस जोड़ी ने करीब 17 फिल्मों का साथ में निर्देशन किया था। सुमित्रा भावे और सुनील सुकथनकर की फिल्मों ने मराठी सिनेमा को अलग और खास पहचान दी।

इनता ही नहीं इन दोनों को फिल्म ‘दहावी फ’, ‘दोघी’, ‘अस्तु’, ‘कासव’, के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों से भी नवाजा गया था। फिल्म ‘कासव’ को सुवर्ण कमल भी मिल चुका है। सुमित्रा भावे की फिल्मों में भेदभाव से लेकर मानसिक स्वास्थ्य तक के मुद्दों को बेहतरीन अंदाज में दिखाया जाता था। उनके निधन से मराठी सिनेमा के अलावा बॉलीवुड सिनेमा में शोक का माहौल है। कई फिल्मी सितारे उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

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