Breaking News पंजाब

जालंधर : पंजाब में कोरोना महामारी के खौफनाक तांडव से हो रही मौतों के बाद अब अस्थियां विसर्जन के लिए परिजनों को लम्बी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है

पंजाब में कोरोना महामारी के खौफनाक तांडव से हो रही मौतों के बाद अब अस्थियां विसर्जन के लिए परिजनों को लम्बी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है

जालंधर 4-5-2021

रिपोर्टर-दिपांशु नारंग

इंडिया नाउ 24, ब्यूरो चीफ जालंधर

पंजाब में कोरोना महामारी के खौफनाक तांडव से हो रही मौतों के बाद अब अस्थियां विसर्जन के लिए परिजनों को लम्बी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। गुरुद्वारा पतालपुरी श्री कीरतपुर साहिब और गुरुद्वारा देगसर श्री कटाना साहिब से प्राप्त हुए आंकड़ों के अनुसार कोरोना महामारी के बढ़े प्रकोप के बाद पंजाब के घरों में लाशें बिछने की संख्या दोगुनी से बढ़ कर तीन गुणा होने जा रही है। पंजाब की धरती पर बसते परिवारों के लिए पिछला हफ़्ता अति-दर्दनाक साबित हुआ है। सिख धर्म में अस्थियां जल प्रवाह करने की प्रक्रिया के लिए विशेष स्थान रखने वाले गुरुद्वारा पातालपुरी श्री कीरतपुर साहिब से प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि 27 अप्रैल को 366, 28 अप्रैल को 511, 29 अप्रैल को 370, 30 अप्रैल को 617, 1 मई को 276, 2मई को 530 और 3मई को तीसरे पहर तक 355 परिवारों की तरफ से अस्थियां जल प्रवाह की जा चुकीं हैं। इस स्थान पर आम दिनों में औसतन 200 से लेकर 250 तक अस्थियां जल परवाह होती थीं। इसी तरह गुरुद्वारा देगसर श्री कटाना साहिब जहां आम दिनों में औसतन 20–22 मृतकों की अस्थियां जल प्रवाह होती थीं। वहां अब यह संख्या बढ़कर 57 तक जा चुकी है। गुरुद्वारा श्री गोइंदवाल साहब में 1 अप्रैल से 20 अप्रैल तक 2475 और उसके बाद 13 दिनों में 1888 लोगों की अस्थियां जल प्रवाहित हुई हैं। यहां भी आम दिनों की अपेक्षा संख्या बढ़कर सामने आई है। बेशक यह आंकड़े सीधे तौर पर यह स्पष्ट नहीं करते कि यह मौतें कोरोना के साथ हुई हैं लेकिन पिछले हफ़्ते से कोरोना के बढ़े प्रकोप के दौरान इन आंकड़ों में हुई वृद्धि कोरोना के कहर की गवाही जरूर देती है।