युवाओं के लिए 25 लाख टैबलेट खरीदने का प्रस्ताव मंजूर

*कैबिनेट निर्णय-9*
युवाओं के लिए 25 लाख टैबलेट खरीदने का प्रस्ताव मंजूर
*युवा शक्ति को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सीएम योगी की अध्यक्षता में कैबिनेट का बड़ा फैसला*
*उच्च शिक्षा से लेकर कौशल विकास तक युवाओं को मिलेगा डिजिटल सहारा, पात्र युवाओं को निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे टैबलेट*
*आईटीआई और कौशल प्रशिक्षण से जुड़े युवाओं को भी लाभ, रोजगार के अवसर होंगे मजबूत*
*लखनऊ, 25 अगस्त।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। योगी सरकार ने टेंडर प्रक्रिया में चयनित संस्थाओं को क्रय आदेश जारी किए जाने की मंजूरी देकर प्रदेश के युवाओं को डिजिटल संसाधनों से जोड़ने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ये टैबलेट पात्र युवाओं को निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।
गौरतलब है कि स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना 5 वर्ष के लिए लागू है। योजना के तहत प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए आधुनिक टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए 2,374.60 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। खास बात यह है कि इस योजना से केंद्र सरकार पर कोई अतिरिक्त व्यय भार नहीं पड़ेगा।
*उच्च शिक्षा से लेकर कौशल विकास तक मिलेगा डिजिटल सपोर्ट*
योजना के तहत स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, कौशल विकास समेत विभिन्न शिक्षण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अध्ययनरत पात्र युवाओं को निशुल्क टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे विद्यार्थी अपने शैक्षिक पाठ्यक्रम को डिजिटल माध्यम से बेहतर ढंग से पूरा कर सकेंगे और तकनीक आधारित अध्ययन की सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। टैबलेट मिलने से युवाओं को सरकारी और गैर-सरकारी योजनाओं, ऑनलाइन प्रशिक्षण, रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ी सेवाओं तक पहुंच बनाने में भी मदद मिलेगी। योगी सरकार का उद्देश्य केवल युवाओं को उपकरण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ना है।
*आईटीआई और कौशल प्रशिक्षण से जुड़े युवाओं को भी मिलेगा लाभ*
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि कैबिनेट के इस निर्णय से उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा, कौशल विकास प्रशिक्षण और आईटीआई से जुड़े पंजीकृत कुशल युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। डिजिटल संसाधनों तक आसान पहुंच से प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ युवाओं की रोजगारपरक दक्षता भी बढ़ेगी। तकनीकी रूप से सक्षम युवा वर्ग रोजगार सृजन और सेवा क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

