पुरानी रंजिश में घर में घुसकर लाठी-डंडों से मारपीट, पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए किया प्रेस वार्त

पुरानी रंजिश में घर में घुसकर लाठी-डंडों से मारपीट, पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए किया प्रेस वार्त
गोरखपुर ।थाना पीपीगंज क्षेत्र स्थित ग्राम 441, राजाबारी (जसवल) में खेत देखने के दौरान हुए विवाद को लेकर एक परिवार पर जानलेवा हमला और मारपीट का मामला सामने आया है।
पीड़ित राधेश्याम (पुत्र स्व. सोनई) द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, घटना 4 अगस्त 2026 की है। दोपहर करीब 2:00 बजे खेत देखने के दौरान पीड़ित की पुत्री रूकमणी और गांव की राधिका देवी (पत्नी स्व. कालीचरन) के बीच बहस हुई थी, जिसे ग्रामीणों ने शांत करा दिया था। लेकिन इसी रंजिश को लेकर शाम 4:00 बजे दूसरे पक्ष के लोगों ने लामबंद होकर पीड़ित के घर पर धावा बोल दिया। राधिका देवी, मोहन, छोटेलाल, रामअशीष, उर्मिला, प्रियंका, निशा और सुदर्शन हाथों में लाठी-डंडे लेकर राधेश्याम के दरवाजे पर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। जब रूकमणी ने इसका विरोध किया, तो दबंगों ने लात-घूंसों व लाठी-डंडों से उस पर हमला कर दिया।
खुद को बचाने के लिए रूकमणी घर के अंदर भागी, तो आरोपी भी घर में घुस आए और उसे पीटने लगे। बीच-बचाव करने आई पीड़ित की बुजुर्ग मां सम्पत देवी, पीड़ित राधेश्याम और उनके पुत्र भरत भुआल के साथ भी बर्बरता से मारपीट की गई। आरोप है कि राधिका देवी ने जान से मारने की नियत से रूकमणी का गला दबाने का प्रयास किया। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह पीड़ितों की जान बचाई, जिसके बाद आरोपी जान-माल की धमकी देते हुए फरार हो गए।
पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप
पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना के बाद 112 नंबर पर सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने बुलाया। पीड़ित ने थाने में लिखित शिकायत दी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की और न ही घायलों का मेडिकल कराया।
उल्टे, दूसरे पक्ष की सूचना पर पुलिस ने 6 अगस्त 2026 को पीड़ित और उसके परिजनों के खिलाफ ही मु.अ.सं.-289/2026 धारा 115(2), 152, 351(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।
पीड़िता रुक्मणी ने बताया कि हमले में उनके दाहिने हाथ में फ्रैक्चर आया है और उनकी मां, पुत्री व पुत्र को गंभीर चोटें पहुंची हैं। जिला अस्पताल गोरखपुर में घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने पहले भी पुलिस अधिकारियों को सूचित किया था, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर वे पुनः अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

