17 मई विश्व उच्च रक्तचाप दिवस

17 मई विश्व उच्च रक्तचाप दिवस
तनावपूर्ण जीवनशैली, जंक फूड और बढ़ता रक्तचाप
डॉ रूप कुमार बनर्जी होम्योपैथिक चिकित्सक गोरखपुर

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकांश लोग मानसिक तनाव, अनियमित दिनचर्या, देर रात तक जागना, मोबाइल-लैपटॉप का अत्यधिक उपयोग, बाहर का तला-भुना भोजन, फास्ट फूड, जंक फूड और शारीरिक निष्क्रियता जैसी आदतों के शिकार हो चुके हैं। परिणामस्वरूप उच्च रक्तचाप तेजी से एक “साइलेंट किलर” के रूप में उभर रहा है।पहले तो यह समस्या केवल वृद्धावस्था में दिखाई देती थी, लेकिन अब युवा वर्ग भी इसके प्रभाव में आ रहा है। उच्च रक्तचाप धीरे-धीरे हृदय, मस्तिष्क, किडनी और आंखों को नुकसान पहुँचाता है। यदि समय रहते ध्यान न दिया जाए तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेल्योर जैसी गंभीर स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।
आइए रक्तचाप बढ़ने के प्रमुख कारणों के बारे में जान लेते हैं—
1. अत्यधिक नमक का सेवन
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फास्ट फूड, चिप्स, पिज्जा, बर्गर, नमकीन, पैकेट वाले खाद्य पदार्थों में सोडियम की मात्रा बहुत अधिक होती है।
अत्यधिक नमक शरीर में पानी रोकता है, जिससे रक्तचाप बढ़ता है।
2. तनाव और चिंता
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कम समय में ज्यादा कुछ पा लेने की चाहत की वजह से लगातार मानसिक तनाव, क्रोध, भय, प्रतिस्पर्धा, आर्थिक दबाव और पारिवारिक तनाव शरीर में तनाव हार्मोन बढ़ाते हैं, जिससे हृदय की धड़कन और रक्तचाप बढ़ जाता है।
3. जंक फूड और तैलीय भोजन
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बार-बार बाहर का तला-भुना भोजन खाने से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, धमनियाँ संकरी होने लगती हैं और रक्त का प्रवाह बाधित होता है।
4. मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता
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दिनभर बैठे रहना, व्यायाम न करना, मोटापा बढ़ना, ये सभी हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं।
5. धूम्रपान और शराब
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निकोटीन और अल्कोहल रक्त वाहिनियों को संकुचित करते हैं, जिससे रक्तचाप तेजी से बढ़ सकता है।
6. अपर्याप्त नींद
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रात में कम सोना, देर रात तक मोबाइल चलाना और अनियमित नींद भी उच्च रक्तचाप का महत्वपूर्ण कारण है।
7. मधुमेह और किडनी रोग
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डायबिटीज तथा किडनी की खराबी रक्तचाप को नियंत्रित करने वाली प्रणाली को प्रभावित करती है।
उच्च रक्तचाप के सामान्य लक्षण–
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सिरदर्द
चक्कर आना
घबराहट
थकान
नींद न आना
सीने में भारीपन
सांस फूलना
चिड़चिड़ापन
कानों में आवाज आना
ध्यान दें — कई लोगों में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, इसलिए नियमित BP जांच अत्यंत आवश्यक है।
रक्तचाप को नियंत्रित करने के प्राकृतिक उपाय
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1. नमक सीमित करें– प्रतिदिन कम नमक का सेवन करें।अचार, पापड़, पैकेट स्नैक्स और प्रोसेस्ड फूड कम लें।
2. हल्के नमक में बना घर का ताजा भोजन अपनाएँ–हरी सब्जियाँ, सलाद, फल, अंकुरित अनाज, दलिया, ओट्स और फाइबरयुक्त भोजन लें।
3. नियमित व्यायाम करें– सप्ताह में काम से कम 5 दिन कम से कम 30–45 मिनट तक तेज चाल से चलना, योग, प्राणायाम और हल्का व्यायाम करें।
4. तनाव कम करें–ध्यान, मेडिटेशन, संगीत, सकारात्मक सोच और प्रकृति के साथ समय बिताना लाभदायक है।
5. पर्याप्त नींद लें– रोजाना 7–8 घंटे की शांत और गहरी नींद लें। इस समय मोबाइल बिल्कुल बंद कर दें।
6. धूम्रपान और शराब से दूरी–ये दोनों उच्च रक्तचाप और हृदय रोग के बड़े कारण हैं।
रक्तचाप नियंत्रित करने वाले उपयोगी आहार–
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उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में लहसुन,टमाटर, केला,नारियल पानी,चुकंदर,लौकी का रस,ओट्स,मेथी, अलसी आदि महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं परंतु किसी चिकित्सक की सलाह लेकर ही इन्हें लिया जा सकता है।
किनसे बचें
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✓ अत्यधिक चाय-कॉफी
✓ कोल्ड ड्रिंक
✓ फास्ट फूड
✓ डिब्बाबंद भोजन
✓ अधिक चीनी एवं मैदा
होम्योपैथिक दृष्टिकोण–
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होम्योपैथी केवल रक्तचाप की संख्या कम करने पर नहीं, बल्कि व्यक्ति की संपूर्ण शारीरिक-मानसिक अवस्था को संतुलित करने पर कार्य करती है।यह तनाव, चिंता, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन, मोटापा और पाचन संबंधी समस्याओं को समझकर व्यक्ति की प्रकृति अनुसार औषधि चयन करती है।
स्वयं दवा लेने के बजाय किसी अनुभवी होम्योपैथिक चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।
दैनिक जीवन में अपनाने योग्य स्वास्थ्य नियम
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✔ सुबह जल्दी उठें
✔ प्रतिदिन थोड़ा हल्का-फुल्का टहलें
✔ भोजन समय पर करें
✔ क्रोध और तनाव कम करें
✔ पानी पर्याप्त मात्रा में पिएँ
✔ नियमित BP जांच कराते रहें
✔ हँसने और सकारात्मक रहने की आदत डालें
“स्वास्थ्य केवल दवाओं से नहीं, बल्कि संतुलित जीवनशैली, शांत मन, संयमित भोजन और नियमित दिनचर्या से सुरक्षित रहता है।”यदि हम आज अपनी आदतों को सुधार लें, तो आने वाले वर्षों में अनेक गंभीर बीमारियों से स्वयं को बचा सकते हैं।



