लखनऊ नगर निगम ने प्रापर्टी डीलरों के कब्जे से छुड़ाई नौ करोड़ की सरकारी जमीन

लखनऊ नगर निगम ने प्रापर्टी डीलरों के कब्जे से छुड़ाई नौ करोड़ की सरकारी जमीन
नगर निगम ने प्रापर्टी डीलरों के कब्जे से छुड़ाई नौ करोड़ की सरकारी जमीनबस्तौली और अमौसी गांव में हटाया गया कब्जानोटिस के बाद भी नहीं बंद किया था निर्माण
नगर निगम की अलग-अलग टीमों ने अभियान चलाकर करीब नौ करोड़ रुपये की सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। इस दौरान टीमों को विरोध का भी सामना करना पड़ा।नगर निगम के नायब तहसीलदार राजेंद्र कुमार ने बताया कि ग्राम बस्तौली की गाटा संख्या-99 की भूमि राजस्व अभिलेखों में कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है तथा यह नगर निगम के अधीन शासकीय भूमि है। इस कुछ व्यक्तियों ने अवैध रूप से बाउंड्रीवाल का निर्माण कर प्लॉटिंग कर रहे थे। जानकारी के बाद कब्जा खाली करने के लिए नोटिस भी दी गई मगर कब्जेदार ने जमीन नहीं छोड़ी। जिसके बाद सोमवार को पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इस जमीन की बाजार कीमत करीब सात करोड़ रुपये है
—-इधर भी अवैध कब्जे से खाली कराई गई जमीननायब तहसीलदार रत्नेश कुमार ने बताया कि अमौसी गांव में तीन खसरा नंबरों की बंजर, खलिहान और नवीन परती जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर निर्माण शुरू कर दिया था। यह जमीन सरकारी है, जिसको लेकर कब्जा हटाने को कहा गया। जब कब्जा नहीं हटाया गया तो सोमवार को स्थानीय पुलिस बल की मौजूदगी में विरोध के बीच अवैध कब्जे को हटाया गया। मौके पर किए गए निर्माण भी ध्वस्त किए गए। खाली कराई गई जमीन की बाजार कीमत करीब दो करोड़ रुपये है।



