आठ सूत्री मांगों को लेकर खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन का जखनिया तहसील पर जोरदार प्रदर्शन, उप जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
जखनिया (गाजीपुर)।महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ उत्तर प्रदेश खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के नेतृत्व में सोमवार को जखनिया में आठ सूत्री मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। दर्जनों की संख्या में महिला व पुरुष कार्यकर्ता हाथों में झंडा-बैनर लेकर जखनिया रेलवे स्टेशन से नारेबाजी करते हुए सब्जी मंडी, ब्लॉक परिसर होते हुए तहसील मुख्यालय पहुंचे।तहसील परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए यूनियन के जिला मंत्री वीरेंद्र कुमार गौतम ने केंद्र व प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार देश की आर्थिक व्यवस्था को कमजोर कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई इस कदर बढ़ गई है कि सोना-चांदी से लेकर आम आदमी के दैनिक उपयोग की वस्तुओं तक के दाम बेतहाशा बढ़ गए हैं, जिससे आमजन की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है।उन्होंने कहा कि मनरेगा गारंटी रोजगार योजना का स्वरूप बदलकर श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। ऐसे श्रमिक विरोधी कानूनों पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि मजदूर वर्ग को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए।जिला उपाध्यक्ष विजय बहादुर सिंह ने कहा कि आशा, आंगनबाड़ी, रसोइया, रोजगार सेवक, शिक्षामित्र, होमगार्ड और सफाई कर्मियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इन कर्मचारियों को जो मानदेय दिया जा रहा है, वह उनकी मेहनत के अनुरूप नहीं है।उन्होंने केंद्र सरकार के बजट में कृषि, ग्रामीण विकास, दलित विकास, शिक्षा मंत्रालय तथा ग्रामीण योजनाओं में धनराशि दोगुनी करने की मांग की। साथ ही मजदूरों को वर्ष में 200 दिन रोजगार और ₹700 प्रतिदिन मजदूरी घोषित करने की मांग भी उठाई गई।धरना-प्रदर्शन के बाद यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी अतुल कुमार को राष्ट्रपति के नाम संबोधित आठ सूत्री ज्ञापन सौंपा।इस अवसर पर राम अवध राम (जिला अध्यक्ष), सुरेंद्र भारती, संजय विश्वकर्मा, अनीता देवी, पूनम, पिंटू यादव, शीला देवी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।