लखनऊ-अयोध्या रोड पर फ्लाईओवर का प्रस्ताव रद्द, जाम से राहत की उम्मीदों को बड़ा झटका

लखनऊ-अयोध्या रोड पर फ्लाईओवर का प्रस्ताव रद्द, जाम से राहत की उम्मीदों को बड़ा झटका
लखनऊ-अयोध्या रोड पर फ्लाईओवर का प्रस्ताव रद्द हो गया है। लखनऊ से गोरखपुर, फैजाबाद, बहराइच, गोंडा समेत पूर्वांचल आने-जाने वाले लोगों की राहत की उम्मीदों पर बड़ा झटका लगा है।
लखनऊ से गोरखपुर, फैजाबाद, बहराइच, गोंडा समेत पूर्वांचल आने-जाने वालों को झटका लगा है। लखनऊ- अयोध्या रोड पर रोज़ाना भीषण जाम से जूझ रहे लोगों की राहत की उम्मीदों पर बड़ा झटका लगा है। लंबे समय से प्रस्तावित फ्लाईओवर निर्माण योजना को शासन ने अचानक निरस्त कर दिया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से कराए गए सर्वे और तैयार कराई गई डीपीआर अब फाइलों तक सीमित रह गई है। इससे साफ हो गया है कि फिलहाल अयोध्या रोड पर फ्लाईओवर का सपना पूरा नहीं होगा। शासन ने अब नए विकल्पों पर काम करने का निर्देश दिया है।
एलडीए ने अयोध्या रोड पर ट्रैफिक दबाव को देखते हुए फ्लाईओवर निर्माण का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कराया था। इसके लिए ट्रैफिक सर्वे भी कराया गया और तकनीकी रूप से डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी गई थी। लेकिन शासन स्तर पर इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। जिससे स्थानीय लोगों और रोज़ाना आने-जाने वालों में नाराजगी है। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि फिलहाल अभी एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव स्थगित कर दिया गया है। अन्य विकल्पों पर चर्चा चल रही है।
मुख्यमंत्री ने दिए नए विकल्प तलाशने के निर्देश
फ्लाईओवर प्रस्ताव रद्द होने के बाद मुख्यमंत्री योगी ने संबंधित विभागों को वैकल्पिक उपाय तलाशने के निर्देश दिए हैं। अब ट्रैफिक सुधार के लिए नए मॉडल, वैकल्पिक मार्ग, जंक्शन सुधार या अन्य संरचनात्मक उपायों पर विचार शुरू हो गया है। जिम्मेदार विभागों को नया प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है, ताकि अयोध्या रोड पर ट्रैफिक का दबाव किसी न किसी तरह कम किया जा सके।
पांच जिलों का ट्रैफिक, एक ही सड़क का बोझ
अयोध्या रोड सिर्फ लखनऊ का नहीं, बल्कि अयोध्या, बाराबंकी, गोंडा, बहराइच, अम्बेडकरनगर और गोरखपुर जाने वाले भारी ट्रैफिक का मुख्य मार्ग है। इसी वजह से हाईकोर्ट चौराहे से लेकर बीबीडी तक दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में घंटों लग जाते हैं, जिससे आम लोग, वकील, कर्मचारी और मरीज सभी परेशान हैं।
हाईकोर्ट ने भी जताई थी गंभीर चिंता
अयोध्या रोड पर लगातार लगने वाले जाम को लेकर उच्च न्यायालय भी पहले सख्त टिप्पणी कर चुका है और ट्रैफिक सुधार के निर्देश दे चुका है। इसके बावजूद फ्लाईओवर जैसा ठोस समाधान रद्द होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
अयोध्या के लिए नए मार्ग के निर्माण का भी विकल्प
अयोध्या के वर्तमान मार्ग पर बहुत अधिक यातायात हो गया है। बीबीडी व नहर के बाद भी इस मार्ग पर यातायात ज्यादा होने की वजह से अयोध्या आने जाने में काफी समय लग रहा है। क्योंकि ट्रैफिक बहुत स्लो हो जाता है। लखनऊ से तीन घंटे का समय लग रहा है। ऐसे में अयोध्या के लिए नए ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे पर विचार हो सकता है। पूर्व में भी एक बार एनएचएआई ने चर्चा चलाई थी लेकिन बाद में अयोध्या रोड के ही चौड़ीकरण को मंजूरी दे दी गयी। इस चौड़ीकरण का भी बहुत ज्यादा फायदा नहीं मिलने वाला है। दिनों दिन अयोध्या जाने वालों की भीड़ बढ़ती जा रही है। इसी वजह से इस पर ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ रहा है।



