भारतराजनीति

राष्ट्रपति का अभिभाषण भारत की आत्मा और संकल्प की गूंज: डॉ. संगीता बलवंत

बेद प्रकाश पाण्डेय ब्यूरो चीफ गाज़ीपुर।

आज दिनांक।05/02/026को

राष्ट्रपति का अभिभाषण भारत की आत्मा और संकल्प की गूंज: डॉ. संगीता बलवंत

कहा—यह सरकार घोषणाओं की नहीं, डिलीवरी और विश्वास की सरकार

गाजीपुर।आज संसद में महामहिम राष्ट्रपति महोदया के अभिभाषण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए गाजीपुर की आयरन लेडी और राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि यह संबोधन केवल एक औपचारिक वक्तव्य नहीं, बल्कि उस भारत की सशक्त आवाज़ है, जो न रुकता है, न झुकता है और न डरता है। उन्होंने सदन के माध्यम से राष्ट्रपति महोदया के दूरदर्शी और प्रेरणादायी अभिभाषण के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।डॉ. बलवंत ने कहा कि राष्ट्रपति महोदया द्वारा वंदे मातरम् के 150 वर्ष, श्री गुरु तेगबहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व, भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती तथा भारत रत्न भूपेन हजारिका जी की जन्म शताब्दी का स्मरण राष्ट्र की आत्मा को नमन है। यह संदेश स्पष्ट करता है कि पूर्वजों का स्मरण ही राष्ट्र को शक्ति और दिशा देता है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत ने केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति का निर्णायक परिवर्तन देखा है। नीति-पंगुता और तुष्टिकरण की राजनीति से बाहर निकलकर देश निर्णय, नीयत और नतीजों की राजनीति की ओर बढ़ा है। बीते एक दशक में लगभग 25 करोड़ नागरिकों का गरीबी रेखा से बाहर आना परिणाम आधारित सुशासन का प्रमाण है।डॉ. संगीता बलवंत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि गरीबों को गरिमा के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिला है। जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों परिवारों तक नल से जल पहुँचा है और पारदर्शी शासन व्यवस्था के कारण कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुँच रहा है।उन्होंने कहा कि किसान, महिला, युवा और मध्यम वर्ग—हर वर्ग के लिए ठोस और प्रभावी कार्य हुए हैं। रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन, किसानों को सीधी सहायता, महिलाओं की बढ़ती उपलब्धियाँ और युवाओं के लिए शिक्षा व रोजगार के नए अवसर नए भारत की पहचान हैं।स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल क्रांति और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।डॉ. बलवंत ने कहा, “आज भारत सिर्फ चलता नहीं, दौड़ता है। यह सरकार घोषणाओं की नहीं, बल्कि डिलीवरी और विश्वास की सरकार है।”उन्होंने विश्वास जताया कि आज़ादी के 100 वर्ष पूरे होने पर वर्ष 2047 तक विकसित भारत का जो सपना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देखा है, वह साकार होता स्पष्ट रूप से नज़र आ रहा है।

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