छत्तीसगढ़ : पानी की समस्या पर जिला पंचायत सदस्य बेला अनिल कुशवाहा की त्वरित पहल, स्कूल परिसर में कराया गया बोर खनन

पानी की समस्या पर जिला पंचायत सदस्य बेला अनिल कुशवाहा की त्वरित पहल, स्कूल परिसर में कराया गया बोर खनन
शैलेंद्र कुमार द्विवेदी
इंडिया नाऊ २४
छत्तीसगढ़

बलरामपुर जिले के वाड्राफनगर विकासखंड अंतर्गत बसंतपुर स्थित माध्यमिक शाला एवं प्राथमिक शाला महुवारीपारा में लंबे समय से पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई थी। स्कूल परिसर में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां अध्ययनरत बच्चों को पानी पीने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पानी की कमी से न केवल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, बल्कि उनके स्वास्थ्य को लेकर भी लगातार चिंता बनी हुई थी।
निरीक्षण के दौरान सामने आई समस्या,
जिला पंचायत सदस्य बेला अनिल कुशवाहा अपने कार्य क्षेत्र में निरीक्षण के लिए निकले हुए थे। इसी दौरान उन्हें स्कूल में पेयजल की समस्या की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही उन्होंने बिना देरी किए मामले को गंभीरता से लिया और आज सुबह लगभग 11 बजे स्वयं स्कूल परिसर पहुंचे। मौके पर पहुंचकर उन्होंने प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला में मौजूद व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और बच्चों व शिक्षकों से चर्चा कर स्थिति को समझा।
स्थायी व्यवस्था नहीं होने से बढ़ रही थी परेशानी ..
निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि स्कूल में पीने के पानी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले सकती थी, जिससे बच्चों की परेशानी बढ़ने की पूरी आशंका थी। इस स्थिति को देखते हुए तत्काल समाधान की आवश्यकता महसूस की गई।
पंचायत में प्रस्ताव, उसी दिन बोर खनन.
समस्या की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य बेला अनिल कुशवाहा ने प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला के बीच बोर खनन कराने का प्रस्ताव पंचायत में रखवाया। प्रस्ताव स्वीकृत होते ही बिना समय गंवाए तुरंत बोर खनन वाहन मंगवाया गया और नया बोर खनन कार्य शुरू कराया गया, जिसे उसी दिन सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
बोर खनन से बच्चों और शिक्षकों को राहत.
बोर खनन कार्य पूर्ण होने के बाद स्कूल परिसर में पानी की सुविधा उपलब्ध हो गई है। अब बच्चों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। इस पहल से स्कूल में अध्ययनरत बच्चों में खुशी का माहौल देखा गया शिक्षकों ने भी राहत महसूस की पढ़ाई के माहौल में सुधार की उम्मीद जगी शाला प्रबंधन समिति ने जताया आभार इस सराहनीय कार्य के लिए शाला प्रबंधन समिति ने जिला पंचायत सदस्य बेला अनिल कुशवाहा के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति के सदस्यों ने कहा कि समय पर लिया गया निर्णय बच्चों की एक बड़ी समस्या के समाधान का कारण बना और स्कूल की बुनियादी सुविधा को मजबूत किया।
गांव में हो रही पहल की सराहना.
इस त्वरित और संवेदनशील पहल के बाद गांव में भी जिला पंचायत सदस्य की खूब चर्चा हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता देना किसी भी जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। जिला पंचायत सदस्य बेला अनिल कुशवाहा की यह पहल इस बात का प्रमाण है कि संवेदनशीलता और सक्रियता के साथ लिया गया छोटा निर्णय भी बड़ा बदलाव ला सकता है।



