गुरुग्राम के प्राचीन खोखरा जोड़ हनुमान मंदिर में गुप्त नवरात्रों के दौरान माँ बगलामुखी की विशेष पूजा व हवन यज्ञ शुरू

रिपोर्टर इंडिया नाउ 24 सुरेंद्र
गुरुग्राम के प्राचीन खोखरा जोड़ हनुमान मंदिर में गुप्त नवरात्रों के दौरान माँ बगलामुखी की विशेष पूजा व हवन यज्ञ शुरू

गुरुग्राम :- शहर के सेक्टर 43 स्थित प्राचीन खोखरा जोड़ हनुमान मंदिर में गुप्त नवरात्रों के पावन अवसर पर माँ बगलामुखी की विशेष पूजा-अर्चना एवं हवन यज्ञ का शुभारंभ किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन धर्मनगरी से समाजसेवी मयंक शर्मा एवं उनके परिवार द्वारा किया जा रहा है, जो गुप्त नवरात्रों की संपूर्ण अवधि तक निरंतर जारी रहेगा। इस अवसर पर मंदिर परिसर में भक्तों की विशेष उपस्थिति रही और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ माँ बगलामुखी की आराधना की जा रही हैं। श्रद्धालुओं ने परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि व कल्याण की कामना की। समाजसेवी मयंक शर्मा ने बताया कि माँ बगलामुखी शक्ति और विजय की देवी हैं। उनकी उपासना से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और जीवन में सफलता व आत्मबल की प्राप्ति होती है। गुप्त नवरात्रों में मां की साधना अत्यंत फलदायी मानी जाती है। इसी उद्देश्य से हम परिवार सहित निरंतर पूजा व हवन यज्ञ कर रहे हैं, ताकि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और शांति का संचार हो। उन्होंने ने कहा की माँ बगलामुखी की पूजा का एक विशेष महत्व होता हैं l माँ बगलामुखी दस महाविद्याओं में से एक हैं। मान्यता है कि उनकी उपासना से शत्रुओं पर विजय, वाणी पर नियंत्रण, बाधाओं से मुक्ति और न्यायिक मामलों में सफलता मिलती है। विशेष रूप से तंत्र साधना और शक्ति उपासना में मां बगलामुखी की आराधना का महत्वपूर्ण स्थान है। मयंक शर्मा ने बताया की गुप्त नवरात्र वर्ष में दो बार (आषाढ़ व माघ मास) आते हैं। इन्हें साधना और तांत्रिक उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दौरान की गई पूजा, जप, तप और हवन शीघ्र फलदायी होते हैं। गुप्त नवरात्रों में देवी की आराधना से साधक को विशेष सिद्धि और आत्मिक शक्ति की प्राप्ति होती है। मंदिर परिसर में पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, आस्था और श्रद्धा का विशेष वातावरण बना हुआ है।


