गोरखपुर/चौरी चौरा : अपने निजी हेलीकाप्टर से चौरीचौरा पहुंचे,यादें हुई ताजा : बृज भूषण शरण सिंह

अपने निजी हेलीकाप्टर से चौरीचौरा पहुंचे,यादें हुई ताजा : बृज भूषण शरण सिंह
गोरखपुर/चौरी चौरा।
चौरीचौरा के जे.बी. महाजन डिग्री कालेज कैम्पस में वह अपने निजी हेलीकाप्टर से उतरने के बाद सबसे पहले डिग्री कालेज के संस्थापक भगवान दास जायसवाल की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उनको नमन किया। इसके बाद वह डिग्री कालेज के सामने स्थित उस सरकारी भवन (कोऑपरेटिव)में पहुंचे जहां वह कभी बिना बिजली,पंखा व अन्य बुनियादी सुविधाओं के चार साल तक का समय बिताया था।वहां जिस छोटे से कमरे में रहकर वह चार सालों तक हाई स्कूल और इंटर की पढ़ाई किये थे उसको गौर से देखा और उस समय के बारे में लोगों को बताया।
मिली जानकारी के अनुसार बतौर मुख्य अतिथि पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में मैने चौरी चौरा से मैने बहुत कुछ सीखा,आज मेरा आने का मक्सद उस धरती को प्रणाम करना था जिस धरती से मैंने संघर्ष करके निकला था।चौरी चौरा की धरती ने मुझे अलग सम्मान देता था यह घर,गांव पुराना इतिहास यह सब मेरा जड़ है।जब तक पेड़ मिट्टी से जुड़ा रहता है,तब तक वह हरा भरा रहता है या जैसे ही मिट्टी से पेड़ छूटता है वह सुख जाता है जीवन में हमेशा मिट्टी से जुड़ा रहना चाहिए।आज एक व्यक्ति जब तैयार होता है तो बहुत लोगों का आशीर्वाद और सहयोग होता है।उन्होंने ने अपने विद्यार्थी जीवन के बारे में वार्ता करते हुए कहा है कि जीवन में हमेशा जड़ से जुड़ा रहना चाहिए,अपने माता-पिता की इज्जत करना चाहिए, क्योंकि आप भी एक ना एक दिन पिता बनेंगे। सफल जीवन में एक व्यक्ति जब तैयार होता है तो बहुत लोगों का आशीर्वाद और बहुत लोगों की तपस्या उसे व्यक्ति के पीछे खड़ी होती है।क्योंकि जिस समय हम घर से चले थे,विश्वकर्मा द्विवेदी सहित हमारे मित्र मण्डली के लोगों ने कहा कि आपका जो स्वभाव है कुछ आगे चलकर कुछ बड़ा करने का दिखाई देता है। उन्होंने ने चौरी चौरा के लोगों से कहा कि मेरे लायक कभी भी कोई सेवा हो आप लोग हमें जरूर बताएं।चौरी चौरा मेरा गांव है मेरा ही घर है।आपके लिए आज की स्थिति में और उसे समय की स्थिति में बड़ा अंतर देख लो उसे छोटे से कमरे से निकल कर आज मैं अपने हेलीकॉप्टर से आया हूं।विद्यार्थी जीवन में ही चुनाव करना होता है कि हमारे लिए अच्छा क्या है हमारे लिए बुरा क्या है।
विद्यार्थी जीवन के जिस मकान चार साल रहे देख आंख भरी
सांसद बृज भूषण शरण सिंह चौरी चौरा में रहकर कक्षा 8 से 12 तक की पढ़ाई चार साल तक एक छोटे से कमरे में मित्रो के साथ रह कर पूरा किया था। बृज भूषण शरण सिंह कार्यक्रम स्थल से पैदल चलकर उसी कमरे में पहुंचकर कर उन दिवालों को छुकर विद्यार्थी जीवन को याद किया जिससे उनकी आंख भर आई। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन के मित्रों से मिलकर तमाम यादों के बारे में चर्चा किए।
कक्षा 8 में दो बार फेल हुआ तीसरी बार नकल कर हुआ था पास
बृजभूषण शरण सिंह कहा कि 1972 में पहली बार मैं चौरी चौरा आया था,मैं आठवीं में दो बार फेल हो गया था,जब मैं तीसरी बार पास किया,तो रात भर मैं सो नहीं पाया क्योंकि मैं नकल करके पास हुआ था।मैं चौरी चौरा में रहकर 8 से लेकर इंटरमिडिएट तक की शिक्षा पूरा किया है।मेरा इस चौरी चौरा से यादें जुड़ी है और जैसे कृष्ण के जीवन वृंदावन का है वैसे ही चौरी चौरा मेरे लिए वह स्थान है।
मित्र के साथ कुश्ती लड़ा करते थे
बृज भूषण शरण सिंह ने बताया कि मेरे मित्र रामचंद्र पहलवान अखाड़ा खोले थे,उस अखाड़े में हम लोग अपनी तैयारियों किया करते थे। अच्छी संगत अच्छे मित्रो से अच्छा विचार ,अच्छा परिणाम, बुरा विचार सीखने को मिलता है।किसी को पहचानना है उसका नाम रौशन हुआ है जो बस उसके विद्यार्थी जीवन की सफलता से हुआ है।इस दौरान उनके बचपन के सबसे करीबी मित्र पूर्व ब्लॉक प्रमुख ईश्वरचन्द्र जयसवाल,विशाल जायसवाल,शक्ति जायसवाल,मुन्ना भुज, विनोद जायसवाल सहित तमाम लोगों ने बुके देकर और माला पहनाकर ढोल नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर पन्नेलाल पहलवान, विश्वकर्मा द्विवेदी, मोहम्मद यूनुस, अमरजीत, दिलीप सिंह, धनन्जय सिंह कौशिक, राधारमण त्रिपाठी, अमित जायसवाल उर्फ टिंकू, रामप्रवेश जायसवाल, अर्जुन बलानी, राधेश्याम किल्ला, सुभाष मजमुदार, हरिलाल यादव सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।



