
बेद प्रकाश पाण्डेय ब्यूरो चीफ गाज़ीपुर।
आज दिनांक।16/01/026को
किसानों की समस्याओं को लेकर जखनियां तहसील पर गरजे किसान

अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर धरना-प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
जखनियां (गाजीपुर)।अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) एवं उत्तर प्रदेश किसान सभा के आह्वान पर शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को तहसील मुख्यालय जखनियां में किसानों एवं खेत मजदूरों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने केन्द्र एवं राज्य सरकार की किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि किसानों को उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, डीजल, सिंचाई और बिजली सस्ते दामों पर उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। केन्द्र और राज्य सरकारें अपने वादों से पीछे हट रही हैं, जिससे खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है।किसान नेताओं ने बताया कि बेमौसम बारिश के कारण धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, लेकिन अभी तक किसानों को कोई ठोस मुआवजा नहीं मिला। उन्होंने प्रति एकड़ 30 हजार रुपये मुआवजा देने की मांग की। साथ ही आरोप लगाया कि फसल कटाई के समय क्रय केन्द्रों पर खरीद न होने से बिचौलिये औने-पौने दामों पर फसल खरीदकर किसानों का शोषण कर रहे हैं।धरना-प्रदर्शन के बाद किसानों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी जखनियां के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने निम्न प्रमुख मांगें उठाईं—प्रमुख मांगें,बीज विधेयक 2025 को रद्द किया जाए।बिजली विधेयक 2025 वापस लिया जाए।प्रस्तावित कृषि/संबंधित अधिनियम 2025 रद्द किए जाएं। चारों श्रम संहिताएं समाप्त की जाएं। सभी फसलों पर एमएसपी की गारंटी और सरकारी खरीद सुनिश्चित की जाए। छुट्टा पशुओं से फसल बर्बादी पर रोक लगाई जाए।किसानों, बटाईदारों, खेत मजदूरों और ग्रामीण कारीगरों की पूर्ण कर्ज माफी लागू की जाए।कृषि, भूमि, जंगल, खनिज और जल संसाधनों को देशी-विदेशी कॉरपोरेट कंपनियों को सौंपने पर रोक लगे। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मुफ्त स्वास्थ्य, मुफ्त बिजली और लाभकारी रोजगार की गारंटी दी जाए।किसान नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि ज्ञापन में उठाई गई समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए इसे केन्द्र सरकार तक भेजा जाए और शीघ्र ठोस कार्रवाई की जाए।धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में नसरुद्दीन राम दरस बनारसी दास झारखंडी गुप्ता श्याम अवध यादव श्याम सुंदर नगमा अनीता नारायण चौहान रामवृक्ष गिरी गुड्डू सहित किसान, खेत मजदूर एवं किसान सभा के पदाधिकारी उपस्थित रहे।



