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‘विकसित भारत–जी राम जी’ ग्रामीण परिवारों के लिए ऐतिहासिक कदम : प्रभारी मंत्री

बेद प्रकाश पाण्डेय ब्यूरो चीफ गाज़ीपुर।

आज दिनांक।10/01/026को

‘विकसित भारत–जी राम जी’ ग्रामीण परिवारों के लिए ऐतिहासिक कदम : प्रभारी मंत्री

रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन, पारदर्शिता व जवाबदेही होगी मजबूत

गाजीपुर। जनपद के प्रभारी मंत्री एवं उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग रवीन्द्र जायसवाल ने कहा कि संसद द्वारा पारित ‘विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण (वीबी–जी राम जी) अधिनियम’ देश के ग्रामीण परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार को केवल कल्याण योजना नहीं, बल्कि विकास से जुड़ी कानूनी गारंटी के रूप में स्थापित करता है।लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रभारी मंत्री ने बताया कि नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है, जो मेहनतकश ग्रामीण समाज के लिए बड़ा परिवर्तन है। इसके अतिरिक्त खेतीहर कार्यों के लिए 60 दिन आरक्षित किए गए हैं। इस प्रकार कुल 185 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी सुनिश्चित की गई है।उन्होंने बताया कि यह अधिनियम विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप ग्रामीण रोजगार को आधुनिक स्वरूप प्रदान करता है। इसमें मनरेगा की पूर्व की कमजोरियों को दूर करते हुए तकनीक आधारित पारदर्शिता, मजबूत जवाबदेही तथा दीर्घकालीन ग्रामीण उत्पादन व टिकाऊ संसाधनों पर विशेष ध्यान दिया गया है।प्रभारी मंत्री ने कहा कि अनुमन्य कार्यों की सूची को सरल बनाते हुए अब 260 से अधिक कार्यों को चार मुख्य क्षेत्रों—जल सुरक्षा, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका परिसंपत्तियां और जलवायु संरक्षण—में वर्गीकृत किया गया है। किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए बुआई व कटाई के प्रमुख मौसमों (अधिकतम 60 दिन) में अन्य कार्यों पर कानूनी रोक लगाई गई है, ताकि कृषि चक्र बाधित न हो।उन्होंने बताया कि बेरोजगारी भत्ता अब एक स्पष्ट और समयबद्ध अधिकार होगा। यदि किसी ग्रामीण को काम मांगने के 15 दिन के भीतर रोजगार नहीं मिलता है, तो भत्ता दिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई है। भुगतान व्यवस्था को और सुदृढ़ करते हुए यह प्रावधान किया गया है कि यदि कार्य के 7 दिन के भीतर मजदूरी का भुगतान नहीं होता है, तो ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा।योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एआई आधारित धोखाधड़ी पहचान, जीपीएस/मोबाइल ट्रैकिंग, साप्ताहिक सार्वजनिक डेटा प्रकाशन, वर्ष में दो बार अनिवार्य सामाजिक ऑडिट तथा केंद्र व राज्य स्तर पर स्टेयरिंग कमेटियों का गठन किया गया है।इस अवसर पर जखनियां विधायक बेदी राम, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश राय सहित अन्य जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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