
शिव प्रकाश पाण्डेय मण्डल ब्यूरो की रिपोर्ट।
आज दिनांक।07/01/026को
व्यस्त जीवन में ईश्वर आराधना से ही होगा मानव जीवन का कल्याण : स्वामी भवानी नंदन यति

सादात, गाजीपुर। सिद्धपीठ हथियाराम मठ के महंत एवं जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी भवानी नंदन यति महाराज ने कहा कि मनुष्य को अपनी व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय निकालकर ईश्वर की पूजा-अर्चना और भक्ति में अवश्य लगाना चाहिए, क्योंकि ईश वंदना से ही जीवन में शांति, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।रामहित यात्रा के क्रम में बिजहरी गांव में प्रवास के दौरान मंगलवार की सुबह हरिहरात्मक वैदिक पूजा के उपरांत शिष्य-श्रद्धालुओं को धर्मोपदेश देते हुए स्वामी भवानी नंदन यति महाराज ने कहा कि आज का मानव भौतिकता की दौड़ में ईश्वर को भूलता जा रहा है, जो आध्यात्मिक दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन ईश्वर की अनुपम देन है, जिसे पूजन-अर्चन, भजन-कीर्तन और सत्कर्मों के माध्यम से सार्थक बनाया जा सकता है।महामंडलेश्वर ने बताया कि ईश्वर स्मरण से मन का शुद्धिकरण होता है और नकारात्मक प्रवृत्तियां स्वतः समाप्त हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि भगवत भजन, नाम-स्मरण और सत्संग जैसे कार्य मानव को सद्मार्ग की ओर अग्रसर करते हैं। संतों के सानिध्य में रहने से मनुष्य के भीतर सद्विचार, प्रेम, भक्ति, श्रद्धा और समर्पण की भावना का विकास होता है।उन्होंने कहा कि सत्संग और साधना से व्यक्ति न केवल अपने जीवन को उन्नत बनाता है, बल्कि समाज में भी सद्भाव, करुणा और नैतिक मूल्यों की स्थापना करता है। गुरुजी ने सभी श्रद्धालुओं से धर्म, सेवा और भक्ति के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान गांव के शैलेश सिंह बागी ने महामंडलेश्वर स्वामी भवानी नंदन यति महाराज, उपस्थित वैदिक ब्राह्मणों एवं गणमान्य अतिथियों को अंग वस्त्रम भेंट कर सम्मानित किया।इस अवसर पर शैलेंद्र कुमार सिंह, विनोद सिंह, विनोद पांडे, उमाशंकर त्रिपाठी, दिनेश पांडे, अरुण पांडे, धनंजय पांडे, संतोष पांडे, गिरधारी दुबे, विनोद दुबे, संतोष दुबे, सत्य प्रकाश पांडे, पूर्व प्रधान अखिलानंद सिंह, प्रधान कमलेश यादव, राधे चौहान, नरेश राजभर, लोटू प्रजापति, तेजन सिंह, प्रेम शंकर सिंह उर्फ पप्पू सिंह, मंटू पाल, ओमप्रकाश सिंह सहित गांव के बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे ।



