गोरखपुर : जीवन के यथार्थ सत्य से परिचय कराने का माध्यम है कविता : डा रुप कुमार

जीवन के यथार्थ सत्य से परिचय कराने का माध्यम है कविता : डा रुप कुमार
गोरखपुर 28. दिसम्बर
कविता के माध्यम से संसार के सुख दु:ख आनंद और क्लेश आदि यथार्थ रुप का हम अनुभव कर सकते हैं।इतना ही नहीं कविता कवि की भावनाओं, विचारों और कल्पनाओं को छंद, तुक और अलंकारिक भाषाओं के द्वारा व्यक्त करने का माध्यम है उक्त विचार कवियत्री श्री मती मल्लिका दास की काव्य पुस्तक “जल रंगे आंका” का स्थानिक एक होटल के सभागार में बतौर मुख्य अतिथि विमोचन करते हुए वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डा रुप कुमार बनर्जी ने व्यस्त किया।
उन्होंने कहा कि मल्लिका जी कि कविता की पुस्तक पाठकों को जीवन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराऐगीं एवं सबको पसन्द आएगी इस अभिनव प्रयास के लिए मैं उन्हें अपनी शुभकामनायें देता हूं। काव्य संकलन की कविता बोई डट कम, दाह, अन्य पृथ्वी, कालो यदि मन्दो विशेष रुप सराहनीय है।
इस अवसर पर सर्वप्रथम मुख्य अतिथि डा रुप कुमार बनर्जी एवं विशिष्ट अतिथियों नें मां सरस्वती के चित्र फर पुष्पार्पण किया एवं दीप प्रज्वलित किया।इसी क्रम में डा रुप एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती चैताली बनर्जी ने कवियत्री मल्लिका दास को शाल, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर अलक राय ने कहा कि कविता का मुख्य उद्देश्य पाठक के हृदय को छूना और उसे आनंद सहित कई भावनाओं का अनुभव कराना है।वरिष्ठ रंगकर्मी तमाल आचार्या ने कहा कि कविता जीवन के गूढ़ रहस्यों को व्यस्त करने का माध्यम है।कवि और साहित्यकार प्रदीप कुमार विश्वास ने कहा कि अपने भावनाओं को सुन्दर ढंग से वयक्त करनें का माध्यम है कविता।इस अवसर पर कवियत्री मल्लिका दास को हार्दिक शुभकामनायें देता हूं कि काव्य और साहित्य जगत से ऐसे ही आप जुड़ी रहें।डा रचना ने कहा कि कविता के माध्यम से कवि अपनेकल्पनाओं,अपने अनुभव को व्यस्त करता है।समाजसेवी अचिन्तय लाहिड़ी ने कहा कि कविता जीवन के आनंद और सत्य को प्रकाशित करता है।
बंगाल प्रवास के दौरान बंगाली समिति के साहित्य सचिव दीपक चक्रवर्ती ने इस अवसर पर अपने शुभकामना संदेश के माध्यम से कहा कि कविता भाषा का जादू है जिसे शब्दों के माध्यम से कवि प्रदर्शित करता है। मल्लिका जी का प्रयास अति सराहनीय है।कार्यक्रम का संचालक वरिष्ठ रंगकर्मी एवं उद्घोषक अजय दास ने किया।
कार्यक्रम मे विशेष रुप से कवियत्री श्रीमती मल्लिका दास श्रीमती जयश्री लाहिड़ी ,हर प्रसाद मुखर्जी, विरेन्द्र कुमार पाल , श्रीमती लीना लाहिड़ी, श्रीमती मीता सेनगुप्ता बनर्जी, आनंद मुखर्जी, सुजय बनर्जी सहित तमाम कवि, साहित्यिक प्रेमी उपस्थित रहे।



