धर्मभारत

जाति-पंथ से ऊपर उठकर एक होने का आह्वान,विशाल हिन्दू सम्मेलन में बोले प्रांत प्रचारक रमेश जी

बेद प्रकाश पाण्डेय ब्यूरो चीफ गाजीपुर।

आज दिनांक।23/12/025को

जाति-पंथ से ऊपर उठकर एक होने का आह्वान,विशाल हिन्दू सम्मेलन में बोले प्रांत प्रचारक रमेश जी

सादात (गाजीपुर)।सलेमपुर बधाई स्थित आनंद भवन, डॉ. संतोष कुमार यादव के निजी आवास पर रविवार को एक विशाल हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, काशी प्रांत के माननीय प्रांत प्रचारक रमेश जी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

मुख्य वक्ता रमेश जी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हिन्दू संस्कृति अति प्राचीन, शाश्वत और सनातन है। हमारे ऋषि-मनीषियों और महापुरुषों ने वसुधैव कुटुम्बकम और सर्वे भवन्तु सुखिनः की भावना से सम्पूर्ण मानवता को जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में हिन्दू समाज एकजुट था, लेकिन कालांतर में जाति, भाषा और रूढ़ियों में बंटने के कारण समाज कमजोर हुआ, जिसका परिणाम सैकड़ों वर्षों की गुलामी के रूप में सामने आया। इस दौरान हमारा धन, राज्य, भूमि, धर्म और स्वाभिमान तक छिन गया।
उन्होंने कहा कि संतों, महापुरुषों और देशभक्तों के बलिदान से हमें स्वतंत्रता तो मिली, लेकिन आज फिर समाज जाति, पंथ, भाषा और ऊँच-नीच में बंटकर कमजोर हो रहा है। समय की आवश्यकता है कि हम संत-महापुरुषों के आध्यात्मिक विचारों को आत्मसात कर एक हों और भाईचारे के साथ हिन्दू संस्कृति को पुनः ऊँचाइयों पर ले जाएं।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में परम पूज्य सतपाल जी महाराज के आत्म अनुभवी शिष्य महात्मा सारथानंद जी ने कहा कि समाज की एकता तभी संभव है जब हम अपने भीतर छुपे उस एक आत्म तत्व को पहचानेंगे। यही ज्ञान प्रभु राम ने हनुमान को, श्रीकृष्ण ने अर्जुन को और सच्चे गुरुओं ने अपने शिष्यों को प्रदान किया। जब हम सबके भीतर उसी एक प्रभु का दर्शन करेंगे, तब सभी भेदभाव स्वतः समाप्त हो जाएंगे और हम एकजुट होकर देश, धर्म और समाज की सेवा कर सकेंगे।

विशिष्ट अतिथि साध्वी महात्मा दयावती बाई ने कहा कि मानव धर्म के प्रणेता सद्गुरु देव सतपाल जी महाराज सनातन धर्म और संस्कृति का ध्वज न केवल भारत बल्कि विश्व के कोने-कोने में फहराकर भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने का प्रयास कर रहे हैं। संतों के बताए मार्ग पर चलकर ही मानव जीवन सार्थक बन सकता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. संतोष कुमार मिश्र ने की, जबकि संचालन कार्यक्रम के आयोजक डॉ. संतोष कुमार यादव ने किया।
शीत लहर के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। लोगों ने भजन-कीर्तन, सत्संग और प्रसाद का आनंद लेते हुए समाज में एकता और भाईचारे के साथ एक और नेक बनने का संकल्प लिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button