खागा मंडी में ‘टेंडर’ नहीं, खुली उगाही का तंत्र-

खागा मंडी में ‘टेंडर’ नहीं, खुली उगाही का तंत्र-
फतेहपुर ज़िले की खागा मंडी एक बार फिर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के आरोपों से घिर गई है। मंडी सचिव पर टेंडर प्रक्रिया की आड़ में व्यापारियों से जबरन पैसे वसूलने के गंभीर आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मंडी में टेंडर अब नियमों से नहीं महीनावारी सिस्टम से तय होते हैं।
गार्ड् और बाबुओं के माध्यम से चेक बनवाने के नाम पर वसूली कराई जाती है एक बाबू को हर महीने महीनावारी दी जाती हैयह रकम नियमित वेतन से नहीं, बल्कि व्यापारियों से वसूले गए पैसे से पूरी होती हैमंडी में एक स्थायी उगाही नेटवर्क तैयार कर लिया गया है
क्या मंडी प्रशासन इन सबूतों को भी नज़रअंदाज़ करेगामंडी में पहले भी हो चुका है विवादकुछ दिन पहले मंडी परिसर में वसूली को लेकर विवाद भी हुआ था।उस समय भी व्यापारियों ने आरोप लगाए थे, लेकिनमामला दबा दिया गयाकोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई यह चुप्पी अब प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े कर रही है।हम पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकती घमंड या संरक्षणसूत्रों का दावा है कि मंडी सचिव का कथित बयान हमारे ऊपर कोई कार्रवाई नहीं हो सकती अगर यह सच है, तो यह बयान केवल अहंकार नहींऊपर तक संरक्षण होने का इशारा करता है।मंडी समिति के सदस्य भी सामने आएमंडी समिति के कुछ सदस्यों ने भी खुलकर कहा है सचिव और दलालों कीमिलीभगत सेपूरी मंडी व्यवस्था भ्रष्टाचार के गर्त में जा रही है।
क्या मंडी सचिव और बाबुओं पर कार्रवाई होगी-
यह मामला भी दबाकर रफा-दफा कर दिया जाएगा व्यापारियों का साफ संदेशअगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो हम चुप नहीं बैठेंगे।खागा मंडी का यह मामला अब सिर्फ व्यापारियों का नहीं।
सरकारी व्यवस्था की साख का सवाल बन चुका है।अब देखना यह हैप्रशासन कार्रवाई करता है या फिर खागा मंडी में उगाही का यह खेल यूँ ही चलता रहेगाफतेहपुर की जनता जवाब चाहती है
Balram Singh
India Now24



