लखनऊ वर्टिकल में अफसरों को फर्जी रिपोर्ट दे रहे कर्मी और इंजीनियर, कनेक्शन के लिए भटक रहे आवेदक

लखनऊ वर्टिकल में अफसरों को फर्जी रिपोर्ट दे रहे कर्मी और इंजीनियर, कनेक्शन के लिए भटक रहे आवेदक
अमौसी जोन में उपकेंद्र व वर्टिकल कार्यालय के कर्मी और इंजीनियर बख्शीश नहीं मिलने पर अपने कर्मचारियों को फर्जी रिपोर्ट भेज रहे हैं। वहीं, शुल्क जमा होने के बाद भी लोगों को कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है।
केस एक : मीटर में करंट की राह देख रहा उपभोक्ता
दुबग्गा के मल्हा गांव के पास एक उद्यमी ने एमएसएमई की छोटी इकाई शुरू करने के लिए मेसर्स एसए ट्रेडर्स के नाम से कनेक्शन का आवेदन किया। एक मुख्य अभियंता की पैरवी पर कनेक्शन शुल्क 2,34,137 रुपये जमा होकर 6 दिसंबर को स्मार्ट मीटर भी लग गया। मगर, इलाके के जिम्मेदारों ने कनेक्शन को चालू नहीं किया। उद्यमी 15 दिन से स्मार्ट मीटर में करंट आने की राह देख रहा है। केस दो : एसडीओ को भेज दी फर्जी कनेक्शन रिपोर्ट हरिकंशगढ़ी के नरेंद्र ने 30 नवंबर को घरेलू दो किलोवाट के बिजली कनेक्शन के आवेदन किया। वर्टिकल के एसडीओ ने कर्मचारी से कनेक्शन स्थल की जांच कराई तो उसने 11 केवी लाइन न होने की फर्जी रिपोर्ट भेज दी। एसडीओ ने 70 रुपये स्क्वायर फीट के रेट से 60 हजार रुपये का एस्टीमेट जमा करने की बात कही। यह शिकायत एक्सईएन नीरज कुमार से हुई, तब एलटी लाइन का करीब 19 हजार रुपये का एस्टीमेट जमा हुआ।
बिजली की नई व्यवस्था वर्टिकल में अमौसी जोन के खिलाड़ी कर्मियों व इंजीनियरों को बख्शीश नहीं मिल रही तो अपने ही अफसरों को नए बिजली कनेक्शन की फर्जी रिपोर्ट भेज रहे हैं। इन खिलाड़ियों की कारस्तानी के यह चंद उदाहरण, असलियत में ऐसे अनगिनत मामले हैं। दुबग्गा के उद्यमी का बिजली कनेक्शन न जोड़ने की जब अमौसी जोन के एक्सईएन एडमिन विवेक प्रकाश से शिकायत की गई तो उनके अधीनस्थ इंजीनियर ने रिपोर्ट भेज दी कि अभी आवेदक के परिसर में मीटर नहीं लगा। उन्होंने मीटर लगाने का आदेश जारी कर दिया। जबकि परिसर में 6 दिसंबर को मीटर लग चुका था। इस फर्जीवाड़ा का खुलासा होने पर भी जेई ने बिजली कनेक्शन नहीं जोड़ा।दुबग्गा में कनेक्शन के लिए भटक रहे आवेदकदुबग्गा क्षेत्र में 10-12 आवेदकों ने नए घर को रोशन करने के लिए 70 रुपये स्क्वायर फीट के रेट से 80 हजार से एक लाख रुपये का एस्टीमेट जमा कर चुके। वहां के जिम्मेदारों को सुविधा शुल्क नहीं मिला तो नए कनेक्शन की फाइलें इधर-उधर कर दी गई। इससे एस्टीमेट जमा कर चुके आवेदक बिजली कनेक्शन के लिए भटक रहे हैं। शुल्क जमा, नहीं दे रहे बिजली कनेक्शन नादरगंज क्षेत्र के औरंगाबाद खालसा निवासी बृजेंद्र कुमार चौरसिया ने अहाना एक्लेव के दो फ्लैट में अलग-अलग बिजली कनेक्शन लेने के लिए अगस्त एवं सितंबर में शुल्क जमा कर चुके हैं। मगर, बृजेंद्र को अब तक किस भी फ्लैट में नया बिजली कनेक्शन नहीं मिला है। जो 1912 से लेकर बड़े अफसरों से भी शिकायत कर चुके, मगर समस्या हल नहीं हो सकी। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लखनऊ के निदेशक (कॉमर्शियल) योगेश कुमार का कहना है कि उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन देने में कोई भी कर्मचारी व इंजीनियर लापरवाही करेगा, तो उस सख्त कार्रवाई होगी। जो, मामले मेरे संज्ञान में आए उसकी अमौसी जोन के मुख्य अभियंता से रिपोर्ट मांगेंगे।



