बहुआ ब्लॉक की चक इटौली पंचायत में योजनाओं की खुली लूट, 10 वर्षों से प्रधान–सचिव–अफसर गठजोड़ का खेल उजागर

बहुआ ब्लॉक की चक इटौली पंचायत में योजनाओं की खुली लूट, 10 वर्षों से प्रधान–सचिव–अफसर गठजोड़ का खेल उजागर
फतेहपुर ।बहुआ ब्लॉक की चक इटौली ग्राम पंचायत में राज्य वित्त, पंद्रहवां वित्त, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, शौचालय सहित तमाम सरकारी योजनाओं में वर्षों से खुलेआम धांधली का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पंचायत में करीब दस वर्षों तक एक ही परिवार की प्रधानी रही और योजनाओं का पैसा नियमों को ताक पर रखकर खुद की बनाई गई फर्मों में डालकर बंदरबाट किया गया।ग्रामीणों का आरोप है कि पहले स्वयं और बाद में अपनी पत्नी को प्रधान बनाकर योजनाओं की पूरी राशि अपने ही नियंत्रण में रखी गई। इस दौरान न तो सरकारी नियमों का पालन किया गया और न ही योगी सरकार की पारदर्शिता की मंशा का सम्मान। पंचायत में नियम कानून को मनमाने तरीके से बदलकर विकास के नाम पर करोड़ों रुपये डकार लिए गए।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शिकायतें कई बार की गईं, एक बार जांच भी हुई, लेकिन कागजों को “मेंटेन” कर और अधिकारियों को साधकर जांच रिपोर्ट को दबा दिया गया। इसके बाद हालात फिर पहले जैसे हो गए और भ्रष्टाचार का खेल बेरोकटोक चलता रहा।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इस पूरे घोटाले में ग्राम पंचायत सचिव, वीडीओ और ब्लॉक के कुछ जिम्मेदार कर्मचारियों की मजबूत साझेदारी रही। इस गठजोड़ के पीछे सत्ता पक्ष से जुड़े एक क्षेत्रीय नेता का कथित संरक्षण भी बताया जा रहा है, जिसके भय या दबाव के चलते वर्षों तक सिस्टम मौन बना रहा। हालांकि, लगातार शिकायतें और सबूत सामने आने के बाद मामला शासन के दरवाजे तक पहुंचा, जिससे जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को हरकत में आना पड़ा। अंततः जिले के जिम्मेदार अधिकारियो ने जांच समिति गठित कर दी।अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह जांच समिति निष्पक्ष जांच कर सच्चाई उजागर करेगी, या फिर पहले की तरह सब कुछ कागजों में दुरुस्त कर भ्रष्ट प्रधान–सचिव को दोबारा सरकारी योजनाओं की लूट की खुली छूट दे दी जाएगी?
चक इटौली पंचायत की यह कहानी सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सिस्टम की विफलता और भ्रष्टाचार के संरक्षण की भयावह तस्वीर पेश करती है। अब निगाहें जिले के अधिकारियों और गठित जांच समिति पर टिकी हैं।
Balram Singh
India Now24



