खूंखार लकड़बग्घे का आतंक

खूंखार लकड़बग्घे का आतंक
सुकुई गांव में दिनदहाड़े हमला, तीन महिलाएं लहूलुहान—गांव में दहशत
दिनदहाड़े वारदात: गांव में घुसा लकड़बग्घा, तीन महिलाएं लहूलुहान
खेत से घर तक खतरा! फतेहपुर में खूंखार जानवर का हमला
11 बजे का आतंक: सुकुई गांव में लकड़बग्घे की एंट्री से दहशत
चीख-पुकार, लहू और खौफ—लकड़बग्घे ने मचाया तांडव
जंगल अब गांव में! महिलाओं पर हमला, गांव अलर्ट मोड में
लाठी-डंडों से बची जान, वरना बढ़ सकता था मौत का आंकड़ा
वन्यजीव या सिस्टम की चूक? फतेहपुर की वारदात ने खड़े किए सवाल
दहशत की दस्तक: लकड़बग्घा भागा, डर छोड़ गया
जागरूकता ही बचाव है—सुकुई की वारदात से सबक
दिन के उजाले में मौत का साया…
खेतों से निकलकर गांव में घुसा खूंखार लकड़बग्घा… और पल भर में तीन महिलाएं लहूलुहान!
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में 11 बजे दिनदहाड़े ऐसा हमला, जिसने पूरे गांव को दहशत में डाल दिया।
सवाल सिर्फ़ जानवर का नहीं…
सवाल है सुरक्षा, सतर्कता और सिस्टम की तैयारी का! क्योंकि जंगल की वारदात अब गांव की दहलीज़ तक पहुंच चुकी है…
फतेहपुर जनपद के थाना थरियांव क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा सुकुई में गुरुवार सुबह करीब 11 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब खेतों की ओर से निकला एक खूंखार लकड़बग्घा अचानक गांव की आबादी में घुस आया। पल भर में हालात बिगड़ गए—जानवर ने घरों के पास मौजूद तीन महिलाओं पर झपट्टा मार दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लकड़बग्घा पहले खेतों के रास्ते गांव में दाखिल हुआ और फिर रिहायशी इलाके में घुसते ही महिलाओं को निशाना बनाया। अचानक हुए हमले से महिलाएं लहूलुहान हो गईं। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर दौड़े और लाठी-डंडों की मदद से किसी तरह महिलाओं को बचाया। बढ़ते शोर और भीड़ को देख लकड़बग्घा गांव से बाहर की ओर भाग निकला।
घटना की सूचना तत्काल थरियांव पुलिस को दी गई। घायलों को परिजनों की मदद से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों के अनुसार तीनों महिलाओं की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
ग्रामीणों से अपील है कि अकेले खेतों या सुनसान रास्तों पर न जाएं, बच्चों और बुज़ुर्गों पर विशेष निगरानी रखें, रात में रोशनी और समूह में आवाजाही सुनिश्चित करें। यदि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस और वन विभाग को सूचना दें। आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।
घटना के बाद पूरे सुकुई गांव में भय और असुरक्षा का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से मांग की है कि लकड़बग्घे को जल्द से जल्द पकड़कर गांव को सुरक्षित किया जाए, साथ ही पुख्ता गश्त और चेतावनी व्यवस्था लागू की जाए।
जागरूकता ही बचाव है, फतेहपुर के सुकुई गांव की ये घटना एक साफ़ चेतावनी है—
अब खतरा सिर्फ़ जंगलों में नहीं, हमारे आसपास है। ऐसे में सबसे बड़ा हथियार है जागरूकता—अकेले बाहर न निकलें, बच्चों और बुज़ुर्गों पर नज़र रखें, और संदिग्ध गतिविधि दिखते ही तुरंत पुलिस व वन विभाग को सूचना दें।
Balram Singh
India Now24



