मवई गौशाला प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच शुरू

मवई गौशाला प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच शुरू
– टीम ने की गौशाला की जांच, दर्ज हुए बयान
– ग्रामीणों की ग्राम प्रधान से हुई तीखी बहस
अमौली, फतेहपुर । मवई धाम गौशाला में गौवंशों के साथ क्रूरता के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई द सुपरहिट न्यूज में प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेकर की गई है। शुक्रवार को मजिस्ट्रियल टीम में शामिल तहसीलदार और नायब तहसीलदार ने गौशाला का स्थलीय निरीक्षण कर अभिलेखों और व्यवस्थाओं की जांच की और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। इस दौरान टीम ने उस स्थल की भी जांच की जहां दर्जनों गोवंश ट्रैक्टर से घसीटकर फेंके गए थे। पोल खुलने के डर से ग्राम प्रधान और सचिव ने दबाव बनाने के लिए अपने कई लोगों को बुलाया था लेकिन ग्रामीणों से तीखी बहस के बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
गौरतलब है कि मवई गौशाला में मृत गौवंशों को ट्रैक्टर से घसीटने, जंगलों में फेंकने और मानकों के विपरीत रख-रखाव के वीडियो वायरल हुए थे। इन खबरों के बाद एसडीएम, सीवीओ, तहसीलदार समेत कई अधिकारियों ने पूर्व में निरीक्षण कर नाराजगी जताई थी। रिपोर्ट सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों से पारदर्शिता बरतने की मांग की और गौवंशों की वास्तविक गिनती कराने पर जोर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि कागजों में दर्ज संख्या और मौके पर मौजूद गौवंशों में भारी अंतर है। इसी बात को लेकर ग्रामीणों और ग्राम प्रधान के बीच तीखी बहस हो गई, जिसके बाद चांदपुर थाने की पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी ब्लॉक स्तर के जिम्मेदार अधिकारी बीडीओ, सचिव और प्रधान—मामले को दबाने का प्रयास करते रहे हैं। अब मजिस्ट्रियल जांच के आधार पर संबंधित अधिकारियों व जिम्मेदारों पर बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है। जांच शुरू होने से ग्रामीणों में न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी है।
Balram Singh
India Now24



