गोरखपुर | मोहद्दीपुर चौराहा : जाम में फंसी ज़िंदगी, एंबुलेंस तक तरसते हैं बाएं लेन

गोरखपुर | मोहद्दीपुर चौराहा : जाम में फंसी ज़िंदगी, एंबुलेंस तक तरसते हैं बाएं लेन
शहर की यातायात व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह अस्त-व्यस्त दिख रही है। हालात यह हैं कि शहर के लगभग हर बड़े चौराहे पर सुबह से लेकर देर रात तक भीषण जाम लगा रहता है। आसपास के जिलों से आने वाले वाहनों का भारी दबाव मुख्य सड़कों पर बढ़ गया है, जिसका सबसे गंभीर असर मोहद्दीपुर चौराहे पर देखने को मिल रहा है।
नहर रोड से लेकर चौक की ओर बढ़ते हुए रोज ऐसी स्थिति बन जाती है कि वाहनों की लंबी कतारें काफी दूरी तक खिंच जाती हैं। इस जाम का सबसे दुष्प्रभाव उन एंबुलेंसों पर पड़ता है जो दूर-दराज़ के इलाकों से गंभीर मरीजों को शहर के बड़े अस्पतालों में लाती हैं। चौराहे को पार करने में ही एंबुलेंसों को इतना समय लग जाता है कि मरीजों की जिंदगी पर बन आती है। कई बार तो एंबुलेंस के सायरन भी वाहनों की भीड़ में बेअसर साबित हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यातायात विभाग और प्रशासनिक अमला लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठा पाया है। परिणाम स्वरूप रोजाना हजारों यात्रियों को जाम में फंसकर समय और ऊर्जा की भारी बर्बादी झेलनी पड़ रही है। चौतरफा जाम से बाएँ जाने वाले यात्रियों को निकालने में मशक्कत करना पड़ता है यहाँ तक कि आपातकालीन एंबुलेंस तक नहीं निकल पाते हैं।
लोगों की मांग है कि मोहद्दीपुर चौराहा सहित शहर के प्रमुख प्वाइंटों पर तत्काल प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन की व्यवस्था लागू की जाए, ताकि आमजन को राहत मिले और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं का संचालन सुचारू रूप से हो सके।



