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लखनऊ मंडलायुक्त के ठोकर मारते ही उखड़ गई 30 लाख की सड़क, ठेकेदार काली सूची में, केस दर्ज

लखनऊ मंडलायुक्त के ठोकर मारते ही उखड़ गई 30 लाख की सड़क, ठेकेदार काली सूची में, केस दर्ज

मंडलायुक्त ने जैसे ही पैर से हल्की सी ठोकर मारी तो सड़क उखड़ गई। पैर और रगड़ा तो पूरी बजरी निकलकर बाहर आ गई। मामले में मंडलायुक्त ने चेतावनी दी है।

राजधानी लखनऊ में गोमती नगर के विकल्प खंड में घटिया सड़क बनाए जाने का मामला सामने आने के बाद बुधवार को मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने मौके पर जाकर जांच की। उन्होंने जैसे ही पैर से हल्की सी ठोकर मारी तो सड़क उखड़ गई। पैर और रगड़ा तो पूरी बजरी निकलकर बाहर आ गई।
अब ठेकेदार को एक साल के लिए काली सूची में डाला गया है। नगर निगम की ओर से ठेकेदार पर एफआईआर भी दर्ज कराई जा रही है। इसी मामले में 50 हजार रुपये का जुर्माना पहले ही लगाया जा चुका है। 16 नवंबर को अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित की किया था। जिसके बाद शासन स्तर तक हलचल हुई। अब घटिया निर्माण पर सख्त कार्रवाई हुई है।

चिनहट द्वितीय वार्ड के विकल्प खंड-3 में करीब 30 लाख रुपये की लागत से बन रही सड़क में घटिया निर्माण का मामला सामने आने के बाद शासन ने भी जांच के निर्देश दिए। इस पर मंडलायुक्त ने बुधवार को मौके पर पहुंच जांच की। नगर आयुक्त गौरव कुमार भी उनके साथ रहे। दोपहर करीब पौने दो बजे मंडलायुक्त मौके पर पहुंचे।उन्होंने कहा सड़क निर्माण में तारकोल ही नहीं है। यहां बहुत ही घटिया काम किया गया है। उन्होंने संबंधित ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। नगर निगम के इंजीनियरों ने बताया कि सड़क का निर्माण ठेकेदार फर्म धामी कंस्ट्रक्शन कर रही है।
हाथ लगाने से पूरी बजरी ऐसे उखड़ गई जैसे बिना तारकोल के डाली गई हो
यह है पूरा मामला: पार्षद शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि शुक्रवार की रात ठेकेदार ने सड़क बनाई। शनिवार सुबह मौके पर गए और पाया कि हाथ लगाने से पूरी बजरी ऐसे उखड़ गई जैसे वह बिना तारकोल मिलाए ही डाल दी गई हो। नगर आयुक्त गौरव कुमार और जोनल अभियंता अतुल मिश्रा से उन्होंने शिकायत की। पार्षद ने बताया कि बीते साल एलडीए ने कॉलोनी हैंडओवर के एवज में जो रुपये दिए थे, उसमें से कुछ पैसा टेंडर में प्रतिस्पर्धा होने से बच गया था। अब उसी धनराशि से सड़क बनाने के लिए टेंडर हुआ था।ठेकेदार पर लग चुका है जुर्माना, अब प्राथमिकी होगी: नगर निगम अधिकारियों ने मंडलायुक्त को बताया कि सड़क पर अभी केवल पैचवर्क के रूप में मोटी गिट्टी की परत डाली गई थी। महीन गिट्टी वाली परत अभी डाली जानी थी। कुछ स्थानों पर उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता भी घटिया मिली। नगर निगम ने इसे अपने विभागीय गैंग के जरिये हटवाया। निर्माण में लापरवाही पाए जाने पर ठेकेदार पर 15 नवंबर को 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अब ठेकेदार को एक वर्ष के लिए डिबार (प्रतिबंधित) करने की कार्रवाई की गई है। जल्द ही एफआईआर भी कराई जाएगी।मंडलायुक्त ने दी चेतावनी : मंडलायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े हर कार्य की निरंतर निगरानी आवश्यक है। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या निम्न गुणवत्ता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य के लिए एक मजबूत और स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया बनाई जाए तथा सभी निर्माण कार्यों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए। जिन कार्यों में लापरवाही मिलेगी उन पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

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