तहसील में पेड़ों की नीलामी पर बड़ा सवाल: उप जिलाधिकारी को नहीं खबर, अधिकारियों की मिलीभगत से राजस्व को लगा चुना, व्यापारी व भाजपा नेता ने लगाया बड़ा आरोप

तहसील में पेड़ों की नीलामी पर बड़ा सवाल: उप जिलाधिकारी को नहीं खबर, अधिकारियों की मिलीभगत से राजस्व को लगा चुना, व्यापारी व भाजपा नेता ने लगाया बड़ा आरोप
जखनियां, गाज़ीपुर। जखनियां तहसील में भ्रष्टाचार के चर्चे पहले भी होते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला बेहद गंभीर और चौंकाने वाला सामने आया है। तहसील परिसर के पेड़ों की नीलामी में भारी गड़बड़ी कर सरकारी राजस्व को लाखों का चुना लगाया गया।
भाजपा नेता व व्यापारी के मुताबिक, जखनियां तहसील के पेड़ों की नीलामी 14 लाख 51 हजार रुपए की सर्वाधिक बोली लगाने वाले व्यापारी को दरकिनार कर महज़ 8 से 9 लाख रुपए में अन्य व्यापारी को नीलाम कर दी गई। इतना ही नहीं, दो पेड़ों की कटान भी कर दी गई, जबकि उच्च अधिकारी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
जब मामला उप जिलाधिकारी अतुल कुमार के संज्ञान में पहुंचा, तो उन्होंने तुरंत कटान पर रोक लगाने का आदेश दिया। इसके बाद तहसील परिसर में अधिकारियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया और पूरा मामला चर्चा का विषय बन गया।
भाजपा पिछड़ा वर्ग जिला उपाध्यक्ष शिवपूजन चौहान ने बताया कि 3 नवंबर को तहसील सभागार में शाम 4 बजे, नायब तहसीलदार अनुराग यादव की उपस्थिति में नीलामी की प्रक्रिया संपन्न हुई थी, जिसमें 23 व्यापारियों ने हिस्सा लिया था।
उन्होंने कहा कि मेरे मित्र सत्येंद्र गिरी ने 14 लाख 51 हजार रुपए की सबसे ऊंची बोली लगाई थी, परंतु अधिकारियों ने मिलीभगत कर नीलामी को रद्द करते हुए मात्र 8–9 लाख रुपए में सौदा तय कर दिया।
श्री चौहान ने कहा कि उन्होंने जिलाधिकारी और उच्च अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई है और अब वे मुख्यमंत्री से मिलकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।
उधर, उप जिलाधिकारी अतुल कुमार ने कहा, “ऐसी किसी नीलामी की जानकारी या फाइल मेरे पास नहीं आई है।”
तहसील परिसर में पेड़ों की नीलामी में हुए इस कथित घोटाले से न सिर्फ राजस्व को नुकसान पहुंचा है, बल्कि पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।



