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समाजसेवा के जरिये बहुत कम समय में जनता के प्रिय बने नवीन

समाजसेवा के जरिये बहुत कम समय में जनता के प्रिय बने नवीन
-विकास के दावों के साथ ऐसे मुद्दों को उठा रहे हैं जो जीवन में जरूरी हैं

-जनता के दिलों में जगह बनाने में रहे हैं कामयाब
-कैनविन संस्था के जरिये दे रहे हैं मरीजों को राहत 

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरुग्राम। गीता का श्लोक है-कर्म किये जा फल ही इच्छा ना कर। इसी को अपने जीवन में आत्मसात करते हुये समाजसेवी नवीन गोयल समाजहित में जो कार्य कर रहे हैं, उनको शायद ही आजतक कोई पावरफुल व्यक्ति भी कर पाया हो। समाजसेवा के क्षेत्र में कार्यरत नवीन गोयल का एकाएक शहर में नाम यूं ही नहीं सबकी जुबां पर आया। समाजसेवा का दायरा उन्होंने इतना बढ़ाया कि आज बच्चों से लेकर बड़ों तक, छोटे दुकानदार से लेकर बड़े व्यापारी तक नवीन गोयल लोकप्रिय बने हुये हंै।
पहले तो अपनी कैनविन संस्था के जरिये चिकित्सा के क्षेत्र में लोगों की खूब सेवा करते हुये नवीन गोयल ने मील का पत्थर स्थापित किया। शहर के अनेक अस्पतालों में उपचार कराने वाले मरीजों को उनकी ओर से दवाओं में २० फीसदी तक की छूट दिलाई जाती है। यह सब काम बराबर चलता है। इसी बीच नवीन गोयल को भारतीय जनता पार्टी ने जिला सचिव की जिम्मेदारी सौंपी। इस जिम्मेदारी को संभालते ही नवीन गोयल ने सबसे पहले शहर के १०० साल से भी अधिक पुराने सदर बाजार के व्यापारियों के बीच जाकर न केवल उनकी समस्यायें जानी, बल्कि उनके निराकरण पर काम भी शुरू कर दिया। स्वच्छता अभियान को गति देते हुये उन्होंने शहर के व्यापारियों, दुकानदारों को डस्टबिन आवंटन का काम व्यापक पैमाने पर किया।

इस तरह से शुरू किये गये हैं समाजसेवा के काम

ग्रीन, क्लीन और फिट गुरुग्राम का उद्देश्य लेकर उन्होंने समाजसेवा के क्षेत्र में कदम बढ़ाया है। सिंगल यूज प्लास्टिक को मात देने के लिए उन्होंने शहर के स्कूलों से थैले बंटवाने का काम शुरू किया। उन्होंने स्कूलों में हजारों बच्चों, स्टाफ को अब तक थैले आवंटित करके यह संदेश देने का काम किया है कि प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को गंभीरता से लेते हुये हम सिंगल यूज प्लास्टिक का जितना जल्दी हो सके, यूज बंद कर दें। इसी बीच उन्होंने बाजारों में यह देखा कि जो रेहड़ी लगाने वाले लोग हैं, उनके पास से फल आदि की खरीददारी करने वाले लोग सड़कों पर ही फलों की कचरा फेंककर चलते बनते हैं। इसके लिए उन्होंने रेहडिय़ों पर एक फ्रेम बनवाकर डस्टबिन लगवाये, ताकि गंदगी एक ही जगह पर एकत्रित की जा सके। पीएम मोदी के जन्मदिन के तीन दिन पूर्व उन्होंने शहर में फिट गुरुग्राम को लेकर मैराथन आयोजित की, जिसमें तीन हजार से अधिक हर उम्र के शहर वासियों ने भाग लेकर जागरुकता दिखाई। अपने समाजसेवा के क्षेत्र में चौथा प्रोजेक्ट उन्होंने जल की बर्बादी का लिया। आज घरों में लापरवाही या अनदेखी के चलते हजारों, लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रही है। जब टंकी भर जाती है तो पानी ओवरफ्लो होकर बाहर बहता रहता है। लोगों को जागरुक करने के उद्देश्य से भी और अलर्ट करने के लिए भी शहर के घरों में अलार्म आवंटित करने का काम शुरू किया। नवीन गोयल का कहना है कि यह ठीक है कि वे राजनीति में हैं, लेकिन राजनीति में रहने वालों का यह कर्तव्य है कि वे इन सब बातों को भी अपने एजेंडे में रखें। काम करने से होता है न कि कहने से। इसलिए उन्होंने करना शुरू किया। जमीनी स्तर पर आकर काम को आगे बढ़ाया। इसका वे श्रेय नहीं परिणाम चाहते हैं कि जनता में बदलाव आया है और जनता की सोच सकारात्मक हो गई है।