Breaking News देश बिज़नेस राजनीती राज्य होम

सीजीएसटी के कार्यालय अधीक्षक को रिश्वत लेते CBI ने रंगे हाथ दबोचा

सीजीएसटी के कार्यालय अधीक्षक को रिश्वत लेते CBI ने रंगे हाथ दबोचा

पुनीत राय -क्राइम रिपोर्टर लखनऊ

ऊर्जा निगम में ठेकेदार की शिकायत पर सीबीआइ ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग के ऑडिट कमिश्नरिएट्स के कार्यालय अधीक्षक को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। ठेकेदार से पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। एक दिन पहले ही बुधवार को ठेकेदार ने गाजियाबाद में सीबीआइ के दफ्तर में शिकायत की थी। वहीं, देर रात सीबीआइ की टीम ने आरोपित के घर कंकरखेड़ा में भी छापामार कार्रवाई की।हस्तिनापुर के तारापुर गांव निवासी अजय कुमार ने बताया कि उसकी मेसर्स अजय कुमार पावर कंस्ट्रक्शन के नाम से फर्म है। नौ साल से वह ऊर्जा निगम में ठेकेदारी कर रहा है। पिछले दिनों उसके पास केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर लेखा परीक्षा आयुक्तालय मेरठ से पत्र गया था, जिसमें फर्म के आडिट कराने की बात कही गई थी। उसने 22 अगस्त को आडिट कराने के लिए वकील के जरिए फाइल भेजी। इसके बाद विभाग की ओर से उसके पास फोन आया कि कागजातों में कमी है। उसे 28 बताया गया कि चार साल से उसने आडिट नहीं कराया है। एक साल का जुर्माना दो लाख रुपये है। कुल आठ लाख रुपये जुर्माना देना होगा।शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने कार्यालय अधीक्षक विकास से कहा कि वह इतना पैसा कहां से लाएगा। उसके पास कुछ नहीं है, लेकिन वह नहीं माने। काफी देर तक उनके साथ बात होती रही। इसके बाद बात पांच लाख रुपये पर तय हुई। पांच लाख रुपये में तुम्हारा काम हो जाएगा। इतने रुपये का इंतजाम हो जाएगा, तो आ जाना।अजय कुमार ने बुधवार दोपहर गाजियाबाद स्थित सीबीआइ के कार्यालय में रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी। इसके बाद अधिकारियों ने उससे मामले की पूरी जानकारी ली। उसने बताया कि उस पर रिश्वत देने का दबाव बनाया जा रहा है। पांच लाख रुपये मांगे जा रहे हैं। इसके बाद सीबीआइ ने पूरी रणनीति बनाई और गुरुवार शाम को कार्यालय अधीक्षक विकास कुमार को पकड़ लिया।