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दादा-दादी भी बन गए बच्चों के बीच बच्चे

दादा-दादी भी बन गए बच्चों के बीच बच्चे
जूनियर डीपीएस हेलीमंडी में हुआ कार्यक्रम
अनोखे अंदाज में किया सभी का अभिनंदन
रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24
गुरुग्राम। आज के समय में छोटे हो रहे परिवारों के कारण छोटे बच्चे बुजुर्गो के स्नेह अज्ञैर लाड-प्यार की कमी को भी महसूस करते हैं, लेकिन अपनी बात को कह नहीं पाते हैं। छोटे बच्चो और घर के बुजुर्गो में एक ऐसी रिश्ता होता है कि, जिसे बयान नहीं किया जा सकता है। इन्ही बातों को केंद्र में रखकर हेलीमंडी स्थित जूनियर डीपीएस में ग्रैंड पेरेंट्स डे का आयोजन किया गया।
स्कूल के प्रबंध निदेशक नितेश गुप्ता और प्रिंसिपल संजना गुप्ता ने बताया कि, स्कूल में आमंत्रित नन्हें छात्रों के अभिभावकों सहित दादा-दादी का पारंपरिक तरीके से अभिनंदन किया गया। यहां आयोजित कार्यक्रम में नाना-नानी , दादा- दादी सहित अभिभावकों के लिए विभिन्न प्रकार की मौज-मस्ती की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विभिन्न खेलों के साथ ही गीत-संगीत की धुन पर सभी बुजुर्गो ने नन्हें बच्चों के साथ में जी भरकर मस्ती की तथा डांस भी किया।
अभिभावको, बुजुर्गो चेेतन कुमार, राजेश कुमारी, महेंद्र सिंह ठाकरान, बिमला देवी सहित अन्य ने अपने पारिवारिक अनुभव सांझा करते हुए कहा कि, घर-परिवार में बुजुर्ग सही मायने में अनुभव का खजाना ही हैं। बच्चों पर ध्यान देने के साथ ही श्रेष्ठ और संस्कार भी प्रदान किये जाते हैं। आज के समय में अक्सर अनेक परिवारों में माता-पिता दोनों ही कामकाजी होते हैं और बच्चों की जिम्मेदारी भी घर के बुजुर्गो पर ही रहती है। यह भी देखा जा रहा है कि, स्कूल बस तक लाने और वापिस लेने के लिए दादा-दादी या अन्य बुजुर्ग ही आते हैं।
प्रिंसिपल संजना गुप्ता ने कहा कि, जिस भी परिवार में बुजुर्गो के साथ में नन्हे बच्चे रहेंगे, वे अन्यों के मुकाबले अधिक संस्कारवान और आज्ञाकारी ही मिलेंगे। वास्तव में घर में बुजुर्ग भगवान के समान ही हैं और हम सभी को इनका आदर के साथ-साथ सेवा भी करनी चाहिये, जिससे बच्चों को यही संस्कार घर से ही मिलते रहें। इस मौके पर स्कूल के स्टाफ में निवेदिता, चंंचल सहित अन्य भी मौजूद रहे।