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नगर उपायुक्त अमित खत्री ने डब्ल्यू3-महिला शिक्षा, रोजगार और सशक्तिकरण- कार्यक्रम का उदघाटन 

नगर उपायुक्त अमित खत्री ने डब्ल्यू3-महिला शिक्षा, रोजगार और सशक्तिकरण- कार्यक्रम का उदघाटन 

-डीएलएफ फाउंडेशन ने अध्यापन, सीआईआई और हरियाणा सरकार के सहयोग से डब्ल्यू3- महिला शिक्षा, रोजगार और सशक्तिकरण कार्यक्रम की शुरुआत की।

-डीएलएफ फाउंडेशन के इस पहल का उद्देश्य लड़कियों के कौशल और योग्यता तथा रोजगार के लिए आवश्यक व्यवहारिक तत्परता के बीच की खाई को पाटना है।

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरुग्राम: डीएलएफ ग्रुप के फिलान्थ्रोपिक आर्म डीएलएफ फाउंडेशन ने सेक्टर 14 स्थित महिला महाविद्यालय में छात्राओं के लिए एक विशेष कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। आज उपायुक्त अमित खत्री ने डब्ल्यू3- महिला शिक्षा, रोजगार और सशक्तिकरण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। डीएलएफ फाउंडेशन ने इस पहल की शुरुआत अध्यापन, सीआईआई और हरियाणा सरकार के सहयोग से किया है।

उद्घाटन समारोह के दौरान उपायुक्त अमित खत्री ने कहा, “युवाओं को शिक्षित करना, कौशलयुक्त बनाना, बेहतर और सशक्त बनाना आज के समय की आवश्यकता है। हम डीएलएफ फाउंडेशन द्वारा अध्यापन, सीआईआई और हरियाणा सरकार के साथ मिलकर शुरू किए गए इस अभिनव पहल की सराहना करते हैं जिसने एक समग्र योजना बनाई है। हम उम्मीद करते है कि इस पहल से छात्राओं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा जो उनको उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में मदद करेगा|”

इस कार्यक्रम का उद्देश्य लड़कियों को व्यावसायिक कौशल में प्रवीण करने के साथ ही उन्हें सम्प्रेषण-कला सीखाने, कार्यस्थल-शिष्टाचार और समयसीमा पर ध्यान केंद्रित करने की कला सिखाना है। इसके साथ-साथ उन्हें कंप्यूटर ग्राफिक्स, वेबसाइट डिजाइनिंग और फाइनेंसियल सॉफ्टवेयर्स का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के साथ ही यह कार्यक्रम छात्राओं को लेखांकन और डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर्स के उपयोग में भी दक्ष बनाएगा।

रोजगार के साथ-साथ जीवन के लिए आवश्यक कौशल निर्माण में यह कार्यक्रम लड़कियों को सशक्त बनने में मदद करेगा। कॉलेज के माहौल से रोजगारपरक माहौल में ले जाने के लक्ष्य के साथ यह कार्यक्रम अगले कुछ वर्षों में लगभग 8000 लड़कियों को जीवन सँवारने में मदद करेगा।

डीएलएफ फाउंडेशन का उद्देश्य समुदायों को सशक्त बनाना और बेहतर जीवन का निर्माण करना है। इसी दृष्टिकोण के साथ फाउंडेशन ने लड़कियों के कौशल, योग्यता और कार्यस्थल पर आवश्यक व्यवहारिक तत्परता के बीच की खाई को पाटने के लिए इस पहल की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य कॉलेज की लड़कियों को रोजगारपरक कर्मियों में बदलना है।