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रोहतक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी।

हरियाणा रोहतक ब्यूरो संजय पांचाल

फोन में ऐप इंस्टाल करते समय बरते सावधानी।

बिना आवश्यकता के ऐप को डाटा एक्सेस करने की अनुमित प्रदान न करे।

आजकल धोखेबाजी करने वाले व्यक्ति धोखाधड़ी करने के नए-2 हथकंडे अपना रहे है। ऐप की सहायता से धोखेबाज व्यक्ति आपकी निजी जानकारी हासिल करने का प्रयास करते है। निजी जानकारी हासिल करके उपयोगकर्ता के साथ धोखाधड़ी की जाती है। अपने मोबाईल फोन में ऐप इंस्टाल करते समय विशेष सावधानी बरते। जब भी हम अपने डिवाइस में गुगल प्ले स्टोर, आई.ओ.एस. या किसी अन्य एप्लीकेशन स्टोर के माध्यम से कोई एप्लीकेशन अपने डिवाइस में इंस्टॉल करते है तो फोन में विभिन्न सूचनाओं तक पहुंच के लिए प्रेषित करता है जिसे प्रमिशन के रूप में जाना जाता है।

उदाहरण के लिए एक ऐप मुख्य रूप से फोन में मौजूद संपर्क नम्बर, कैमरा, फाइल, फोटो गैलरी या लोकेशन आदि को एक्सेस करने की अनुमति मांगता है। अधिकांश स्मार्ट फोन उपयोगकर्ता को यह नियंत्रित करने की अनुमति देते हैं कि ऐप इंस्टालेशन के दौरान या ऐप इंस्टालेशन के बाद भी कौन-सी अनुमतियों का उपयोग कर सकता है। अनुमतियाँ देते समय उचित ध्यान न देने से एप्लिकेशन डिवाइस पर व्यक्तिगत जानकारी तक पहुँच प्राप्त कर सकते हैं। जिन जानकारी को उपयोगकर्ताओं साझा करना पसंद नहीं करता।

अधिकांश एप्लिकेशन कई सामान्य अनुमति के लिए पूछते हैं, जो आमतौर पर इसकी बुनियादी कार्यक्षमता के प्रदर्शन के लिए आवश्यक नहीं होते हैं। उदाहरण के लिए, एक मीडिया प्लेयर ऐप के पास है, संपर्क नम्बरों, कैमरा और माइक्रोफोन आदि के लिए अनुमति लेने का कोई कारण नहीं है। इसी तरह एक चैट ऐप चित्रों या मीडिया फ़ाइलों तक पहुंच के लिए ‘संग्रहण’ अनुमति का अनुरोध कर सकता है ताकि उपयोगकर्ता साझा करने में सक्षम हो जब तक उपयोगकर्ता संपर्क करने की अनुमति नहीं देता। लेकिन लोकेशन साझा करने की अनुमति आवश्यकता नहीं है। इसी प्रकार यह उपयोगकर्ता को तय करना है कि कौन-सी वैकल्पिक अनुमतियाँ ऐप को प्रदान करनी है। अगर कोई ऐप इसलिए काम नहीं करता कि उसे गैर-आवश्यक अनुमतियाँ नहीं दी गई हैं तो यह संकेत हो सकता है कि ऐप उपयोगकर्ता के डिवाइस से जानकारी निकालने के लिए अनुमतियों का दुरुपयोग कर सकता है। ऐप को जितने जरूरी अनुमतियाँ है उससे अधिक अनुमति देने से सुरक्षा जोखिम के साथ उपयोगकर्ता की संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने का खतरा है। उपयोगकर्ता को चाहिए कि नियमित रूप से ऐप द्वारा एक्सेस की गई अनुमति की जांच करनी चाहिए क्योंकि समय अवधि के साथ कई कारणों जैसे एप्लीकेशन अपडेट या ओ.एस. अपग्रेड के कारण अनुमित में बदलाव आ सकते है।

रोहतक पुलिस द्वारा आमजन के लिए जरूरी सुझावः-

1. एप्लिकेशन इंस्टॉल करते समय मांगी गई अनुमति के बारे में सावधान रहें और अनावश्यक अनुमति देने से बचें।

2. यदि आपको लगता है कि कोई विशेष अनुमति आवश्यक नहीं है तो इसे अनुमोदित न करें। यह अनुमति एक अनिवार्य अनुमति है तो ऐसे ऐप का उपयोग करने पर ऐप स्वचालित रूप से सूचित कर देगा।

3. समय-समय पर अपने डिवाइस पर इंस्टॉल किए गए ऐप्स की अनुमति की समीक्षा करें।

4. यदि कोई एप्लिकेशन कुछ अस्वीकृत अनुमतियों के साथ काम नहीं करता है जो आपको लगता है कि आवश्यक नहीं है तो ऐसे ऐप का उपयोग करने में संबंध जोखिमों को स्वीकार करने के लिए सावधान रहें। ऐसे ऐप को प्रयोग करने से बचे।

5. अपने फोन में अनावश्यक ऐप को इंस्टाल न करे।