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कानपुर – अगले वर्ष आने की कामना के साथ नम आंखों से दी बप्पा को बिदाई

वैन न्यूज एजेंसी
रिर्पोट पंकज ब्यूरो चीफ
कानपुर

अगले वर्ष आने की कामना के साथ नम आंखों से दी बप्पा को बिदाई

शहर भर में हजारो गणेश प्रतिमाओं का किया गया विसर्जन

अबीर, गुलाल उडाते, नाचते-गाते घाटो पर विसर्जन यात्रा के साथ पहुंचे लाखो भक्ता
कई स्थानो पर प्रशासन द्वारा किया गया रूट डायवर्जन

कानपुर नगर, हिंदू धर्म में प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश का महामाहेत्सव पूरा हुआ। कानपुर में हजारो गणेश प्रतिमाओं की स्थाना की जाती है। पूरे दिन भगवान की सेवा, पूजन-अर्चन करने के पश्चात कल गुरूवार को अंनत चैदस के दिन भक्तों ने गणपति की विदाई की। जगह-जगह से हजारो गणेश प्रतिमाये विसर्जन स्थान के लिए निकाली गयी, जिसमें गाजे-बाजे के साथ लाखो भक्त शामिल रहे। जगह जगह प्रसाद का वितरण तथा अन्य खाध सामग्री का वितरण होता रहा। बडी प्रतिमाओं में शिवाला, खलासी लाइन, नवाबगंज, ग्वालटोली, स्वरूप नगर खैराबाद रोड की प्रतिमाओ ने सभी का मन मोह लिया। विशालकाय लंबोदर की मूर्ति को देख लोग मोहित होते जा रहे है वहीं जयकारो ने लोगो को भक्ति से सराबोर कर दिया। शहर में गंगा बैराज, लोवर गंगा, सरसैया घाट, परमट आदि घाटो के पास बने कृतिम तालाबों में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
दस दिनो तक शहर में भगवान गणेश की धूम रही। हजारो गणेश प्रतिमाओ की स्थापना की गयी। समय के साथ यह पर्व विशाल रूप लेता जा रहा है। हर क्षेत्र में गलियो ओैर सडकों पर बाबा गणेश के विशाल पण्डाल सजे जहां प्रतिदिन कार्यक्रम आयोजित की गयी। कही मेहंदी प्रतियोगिता तो कहीं आर्ट प्रतियोगिता कहीं भक्ती रस की गंगा बही तो कहीं सुन्दर झांकियो को प्रस्तुत किया गया। नवाबगंज बाजार गणेश कमेटी द्वारा प्रतिदिन कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गयी साथ ही भक्तो के लिए लक्की ड्रा कूपन के जरिए निकाला गया जिसमें विनर्स को बाईक, स्कूली, टीवी, लैपटाॅप, वाशिंग मशीन, ओवन सहित हजारो संतावना पुरस्कार का वितरण किया गया। ग्वालटोली में बाबा गणेश की विशाल प्रतिमा की विसर्जन यात्रा के दौरान मटकी फोड आयोजन हुआ, जिसमें नाचते झूमते युवको ने मटकी फोड पुरस्कृत राशि अपने नाम की। सभी गणेश कमेटियों के पदाधिकारियों का कहना था कि अगले वर्ष बप्पा की और सेवा होगी और भव्य कार्यक्रम किया जायेगा वहीं अंतिम पडाव पर विसर्जन के समय घाट पर गणपति का पूजन कर उन्हे नम आखों से विदाई दी गयी और सभी भक्त भारी मन से अगले वर्ष की कामना के साथ अपने घरो को लौट आये।