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इस बार नये चेहरे को गुडग़ांव विधानसभा में उतार सकती है बीजेपी

इस बार नये चेहरे को गुडग़ांव विधानसभा में उतार सकती है बीजेपी
-इन खबरों से नये चेहरों में खुशी तो पुरानों में मायूसी
-गुडग़ांव विधानसभा से कई नेताओं ने जमा कराया है प्रोफाइल

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24
गुरुग्राम। भारतीय जनता पार्टी गुडग़ांव विधानसभा सीट से इस बार के विधानसभा चुनाव में  नये चेहरे को टिकट देकर मैदान में उतार सकती है। इसकी चर्चायें राजनीतिक गलियारों के साथ खुद बीजेपी में जोरों पर हो रही है। ऐसे में पुराने चेहरों में मायूसी होना लाजिमी है। अब देखना यह है कि नये टिकट के दावेदारों में बीजेपी किसी को उम्मीदवार बनाती है या फिर पैराशूट से आये किसी और व्यक्ति को पार्टी टिकट देती है।
हॉट सीटों में शुमार दिल्ली के साथ लगते गुडग़ांव की गुडग़ांव विधानसभा सीट पर सत्ताधारी पार्टी के साथ विपक्षी पार्टियों की भी विशेष नजर है। हरियाणा के सभी जिलों में सबसे अधिक सरकार को राजस्व देने वाले गुरुग्राम का चुनाव काफी महत्वपूर्ण है। बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व का भी यहां पूरा फोकस रहता है। खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल यहां समय-समय पर आते हैं। आंकलन निकाला जाये तो बाकी के हरियाणा में मुख्यमंत्री के दौरे एक तरफ और अकेले गुरुग्राम में मुख्यमंत्री के दौरे अधिक या बराबर के हो सकते हैं। विकास की दृष्टि से भी केंद्र के साथ मिलकर हरियाणा सरकार ने यहां खूब काम करवाये हैं।
पूर्व में मुख्यमंत्री का नाम भी रहा चर्चाओं में
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यहां के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ को कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष पद से हटाकर खुद कमान संभाली। राजनीतिक गलियारों में चर्चायें तो यह भी होती रही कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खुद गुरुग्राम से चुनाव लडऩे के लिए अपनी जमीन तैयार कर रहे हैं। पंजाबी, बनिया बाहुल इस सीट से वे आसानी से जीत भी दर्ज कर सकते हैं। लेकिन अधिकारिक तौर पर कभी भी यह बात नहीं कही गई। यानी सब चर्चाओं में ही रही। अब चूंकि चुनाव सिर पर हैं, इसलिए हलचल और भी बढ़ गई है। अपनी जन आशीर्वाद रथ यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा पुराने नेताओं को अधिक भाव न देकर सबको पार्टी के लिए काम करते रहने का संदेश देना इस बात की ओर इशारा करता है कि इस बार गुडग़ांव की सीट पर कुछ नया होगा। बेशक मुख्यमंत्री मनोहर लाल, पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जयप्रकाश नड्डा समेत तमाम नेताओं ने विधायक उमेश अग्रवाल के स्वागत कार्यक्रम में रथ से उतरकर भाग लिया हो, लेकिन इससे विधायक की टिकट पक्की होना मान लेना सही नहीं है। पार्टी के भीतर भी इस तरह की चर्चायें हैं कि इस बार तो किसी नये चेहरे को चुनाव मैदान में उतारा जायेगा।
ये हैं बीजेपी के नये चेहरे
नये चेहरों में पटौदी स्थित आश्रम हरि मंदिर के संचालक महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव, बीजेपी जिला सचिव नवीन गोयल, हरियाणा डेयरी विकास प्रसंघ लिमिटेड के चेयरमैन जीएल शर्मा, पूर्व मंत्री सीता राम सिंगला के बेटे सुधीर सिंगला टिकट के दावेदार हैं। इनके अलावा इनेलो छोड़ बीजेपी में आये हरियाणा विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत, गुडग़ांव बीजेपी में हरियाणा खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की चेयरपर्सन गार्गी कक्कड़, गुडग़ांव बीजेपी निगरानी कमेटी के चेयरमैन सुमेर ङ्क्षसह तंवर, ऊषा प्रियदर्शी, हरविंद कोहली, बोधराज सीकरी आदि भी चुनाव लडऩे के इच्छुक हैं।
विधायक उमेश अग्रवाल की इसलिए कट सकती है टिकट
विधायक उमेश अग्रवाल की टिकट कटने के पीछे कई कारण हैं। इनमें सबसे अहम तो यही कि उन्होंने अपनी ही सरकार के खिलाफ बगावत की है। गुडग़ांव में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के दौरे पर उन्हें न बुलाये जाने पर उन्होंने बगावती तेवर दिखाये थे। उनके धुर-विरोधी एक नेता ने तो उनकी शिकायत हाईकमान तक पहुंचाई। दूसरी उमेश अग्रवाल की सांसद राव इंद्रजीत सिंह के साथ नजदीकियां हैं। खुद राव इंद्रजीत ने भी कई बार मनोहर लाल के नेतृत्व वाली बीजेपी की हरियाणा सरकार पर सवाल उठाये हैं। राव इंद्रजीत खुद मुख्यमंत्री पद के दावेदार रहे हैं, लेकिन उनका दांव नहीं लगा।