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यौन शोषण के आरोपों से घिरे ज्‍योतिगिरी बाबा को गिरफ्तार कर जाँच सीबीआई को सौंपी जाए

यौन शोषण के आरोपों से घिरे ज्‍योतिगिरी बाबा को गिरफ्तार कर जाँच सीबीआई को सौंपी जाए
• आरोपी बाबा का बीजेपी कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ संबंध 
• आरोपी के आश्रम को जांच एजेंसी तुरंत सील करे ताकि सबूत नष्ट न किये जा सकें और वीडियो कब्ज़े में लेकर परीक्षण हो
• आस्था व विश्वास करने वाली अनुयायियों के साथ ‘बाबा’ द्वारा यौन शोषण के आरोप गुरमीत राम रहीम की याद दिलाते हैं
• यौन शोषण की पीड़ित महिलाओं और गवाहों को सरकार पूरी सुरक्षा दे
• “आरोपी बाबाओं के प्रति खट्टर सरकार नरम क्यूँ?” – स्वराज इंडिया 

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

रामपाल और गुरमीत राम रहीम के मामलों के बाद कानून तोड़ने और अनुयायियों की आस्था से खिलवाड़ करने वाले बाबाओं के प्रति हरियाणा की खट्टर सरकार की नरमी अब आम बात हो गयी है। इन मामलों में न्याय की लड़ाई में सक्रिय रहने वाली स्वराज इंडिया ने ऐसी ही एक शिकायत की तरफ ध्यान आकृष्ट किया है। ज्योतिगिरी नामक एक और बाबा पर यौन शोषण का केस दर्ज हुआ है जिसकी बीजेपी और कांग्रेस नेताओं के साथ संबंध है। ज्योतिगिरी द्वारा यौन शोषण के मामले से जुड़े दस से ज्यादा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
आरोपी बाबा का बीजेपी और कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ उठना बैठना था जिसकी कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी उपलब्ध हैं।
शिकायत में कहा गया है कि वायरल वीडियो के माध्यम से पता चला है कि गुरुग्राम के बहोड़ा कलां गांव में बने ज्योतिगीरी के आश्रम में छोटी बच्चियों का यौन शोषण और महिलाओं का उत्पीड़न हो रहा है। पुलिस में मामला जाने के बाद से आरोपी बाबा को फरार बताया जा रहा है।
इन सभी वीडियो के साथ एक लड़की का संदेश भी है, जिसने परत दर परत आश्रम के बाबा ज्योतिगिरी के सभी काले कारनामों की कहानी बताई है। साथ में 10 वीडियो भी भेजी जा रही हैं, जिनमें कथित रूप से ज्योतिगिरी और छोटी बच्चियों को आपत्तिजनक अवस्था में देखा जा सकता है।
बाबाओं के प्रति खट्टर सरकसर की नरमी पर सवाल उठाते हुए स्वराज इंडिया ने मांग किया है कि यौन शोषण के आरोपों से घिरे ज्‍योतिगिरी बाबा को गिरफ्तार कर मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए। साथ ही यौन शोषण की पीड़ित महिलाओं को पूरी सुरक्षा दी जाए और उनकी पहचान गोपनीय रखी जाए।
पार्टी ने मांग किया है कि तुरन्त से आरोपी बाबा के आश्रम को जांच एजेंसी सील करे ताकि सबूत नष्ट न किये जा सकें और यौन शोषण से जुड़े वीडियो कब्ज़े में लेकर जाँच एजेंसी परीक्षण करवाये।
स्वराज इंडिया एकमात्र पार्टी थी जिसने गुरमीत राम रहीम मामले में अन्याय के खिलाफ मजबूती से आवाज़ बुलंद की थी और निर्णायक अंजाम तक पहुंचाया। हाल ही में जब खट्टर सरकार की तरफ से सज़ायाफ्ता बाबा को पेरोल देने की कोशिश हो रही थी तो स्वराज इंडिया के हस्तक्षेप से पेरोल अर्ज़ी रद्द हुआ। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने आश्वाशन दिया है कि ऐसे किसी भी मामले में सत्य और न्याय के लिए उनकी पार्टी पीड़ितों, शिकायतकर्ताओं और गवाहों के साथ खड़ी रहेगी।