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लाख टके का सवाल…क्या किसी का मोबाइल-डाटा सेफ ?

लाख टके का सवाल…क्या किसी का मोबाइल-डाटा सेफ ?
स्टिंग आपरेशन व मोबाइल हैकिंग की कानूनी परिभाषा है भिन्न
कथित वीडियो सामने आने पर मोबाइल-डाटा की सेफ्टि चुनौती

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरुग्राम। यहां न किसी का समर्थन में है और न ही किसी का विरोध में हंै। लेकिन बोहड़ाकला के हनुमान मंदिर/महाकाल मंदिर ( महाकाल संस्थान) के अधिष्ठाता महामंडलेश्वर ज्योति गिरि के कथित आनत्तिजनक वीडियो शोसल साइट अथवा मीडिया पर वायरन होने के साथ ही बहस का मुद्दा बन गए हैं। इस बहस के बीच में लाख टके का सवाल यह है कि, आज आधुनिक तकनीक कि दौर में एक साधारण व्यक्ति से लेकर किसी भी सुरक्षा एजेंसी, पुलिस अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, न्यायधीश, राष्ट्राध्यक्ष अथवा अन्य भी कोई यह दावा कर सकेगा कि , उसका मोबाइल फोन और डाटा पूरी तरह से सुरक्षित है? कोई भी शातिर दिमाग व्यक्ति जो आधुनिक तकनीक का मास्टर माइंड हो सकता है, क्या इस बात की गारंटी संभव है कि  संबंधित वयक्ति मोबाइल फोन सहित डाटा में सेंधमारी/ कथित चोरी नहीं कर सकता है?
इस कथित अपराध की तरफ किसी का भी ध्यान ही नहीं गया, जो कि किया गया है। कानूनी जानकारों के मुताबिक किसी वयक्ति का किसी भी प्रकरण में स्टिंग आपरेशन करना और किसी के भी मोबाइल के डाटा को किसी भी तकनीक से हैकिंग करके निकालना (कथित चोरी) दोनों की कानूनी परिभाषा भिन्न है। सीधे और सरल शब्दों में किसी के भी मोबाइल फोन से कैसा भी डाटा/सामग्री किसी भी तकनीक के माध्यम से उड़ाना/निकालना कथित चोरी किया जाना जैसा ही उपराध ठहराया जा सकता है।
यहां पर यह भी दावा नहीं किया जा सकता कि ज्योति गिरि के शोसल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक वीडियो परोसे गए , वह सही हैं और न ही इनकी सच्चाई से इंकार किया जा सकता है। बशर्ते कि जब तक संबंधित वीडियो की फारेंसिंक जांच के बाद में अधिकारिक रिपोट सामने नहीं आ जाये। सभी लोगों के अपने स्वतंत्र विचार हैं, वीडियो को सही माने अथवा नही मानें। लेकिन यह भी कटु सत्य है कि कथित वीडियो वायरल होने के बाद से आम जनमानस की भावना को गहरी ठेस लगी और बेहद आहत भी हो रहे हैं। लेकिन साथ ही इस बात से न तो इंकार किया जा सकता है और न ही नजर अंदाज किया जा सकता है कि , मोबाइल फोन सहित डाटा को सेफ रखना अब एक नई और गंभीर चुनौती बनकर सामने आ गई है। अनेकानेक लोग अपने मोबाइल फोन में ही व्यक्तिगत डाटा को सेफ मानकर और लॉक लगाकर ही रखते हैं।
उसी कड़ी में आगे बढ़ते हैं कि, कथित वीडियो शोसल मीडिया पर परोसने वाले ने स्वयं के महिला होने का दावा किया। जिस मोबाइल नंबर से सीधे वाट्सअप करके भेजे गए, वह मोबाइल नंबर 9983768655 प्रयोग किया गया है। आरंभिक स्तर पर ट्रू कालर पर यह नंबर राजस्थान और माजी के नाम पर सामने आया। काल बैक किया जाने पर इस नंंबर को रिसीव करने वाले ने कभी पटौदी में जो कभी किसी अन्य स्थान पर होना बताया। कुछ अन्य लोगों के द्वारा इसी नंबर पर संपर्क किया जाने पर संबंधित फोन नंबर धारक ने जवाब दिया कि, उसने अपना फोन ठीक करने के लिए पटौदी शहर में ही एक मोबाइल शॉप पर दिया था।
अब और भी गंभीर और चुनौती व खोजपूर्ण सवाल यह है कि, क्या दावे अनुसार ज्योति गिरि के कथित वीडियो शोसल मीडिया पर पारेसने वाली महिला के द्वारा , राजस्थान नंबर 9983768655 को भी किसी तकनीक के माध्यम से हैकिंग करके, उससे ही सारा खेल खेला गया है। यदि इसका जवाब हां में भी मान लिया जाए तो फिर शातिर खिलाड़ी ने एक नहीं दो-दो मोबाइल फोन को हैकिंग किया है और स्वयं अभी भी परदे के पीछे ही छिपा हुआ है। इस शातिर खिलाड़ी को ही तलाशकर सामने लाना तमाम जांच एजेंसियों के लिए भी सातवें दिन चुनौती बना हुआ है। सभी का एक सुर में कहना और मानना है कि इस मामले की जांच कर सच को सामने ला जो भी दोषी है उसको कानून के मुतातिक कठोर सजा दिया जाना जरूरी है।