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रोहतक(हरियाणा) – गुरू रविदास मन्दिर तोड़े जाने के विरोध में बहुजन समाज ने किया विशाल रोष प्रदर्शन।

गुरू रविदास मन्दिर तोड़े जाने के विरोध में बहुजन समाज ने किया विशाल रोष प्रदर्शन।

रोहतक(हरियाणा)ब्यूरो संजय पांचाल

भाजपा सरकार ने अपनी दलित विरोधी मानसिकता को उजागर कर करोड़ों लोगों की भावना को ठेस पहुंचाई : बलवन्त भौरिया।

रोहतक, नई दिल्ली के तुगलकाबाद क्षेत्र में स्थित सन्त शिरोमणि गुरू रविदास मन्दिर को तोड़े जाने के विरोध में आज बहुजन समाज ने शहर में जोरदार रोष प्रदर्शन कर जुलूस निकाला तथा लघु सचिवालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन बीडीपीओ रामफल सिंह की मार्फत भेजा।

आज प्रात: ही बहुजन समाज के सैंकडों लोग स्थानीय तेज कालोनी स्थित गुरू रविदास मन्दिर में पहुंच गये। रोष प्रदर्शन तेज कालोनी से शुरू होकर पाड़ा मोहल्ला, गोहाना अड्डा, शांत मई चौंक, छोटूराम चौंक होते हुए अम्बेडकर चौंक पहुंचा। प्रदर्शन का नेतृत्व समाज के बलवन्त सिंह भौरिया, सत्यवीर बहमणी, नरेन्द्र आर्य, मंजीत मोखरा व राज सिंह सिंहमार ने संयुक्त रूप से करते हुए कहा कि सन्त शिरोमणि गुरू दविदास का यह मन्दिर लगभग 600 साल पुराना था। यह स्थान विश्राम धाम चमार जोहड़ के नाम से जाना जाता है तथा यह स्थान करोड़ों लोगों की आस्था का केन्द्र है। इस मन्दिर को तोडक़र केन्द्र की भाजपा सरकार ने अपनी दलित विरोधी मानसिकता को उजागर करते हुए करोड़ों लोगों की भावना को ठेस पहुंचाई है।

कैप्टन बलवन्त सिंह भौरिया ने कहा कि यह मन्दिर 600 साल पहले इब्राहिम लोधी ने बनवाया था। इतनी पुरानी ऐतिहासिक धरोहर जो करोड़ों लोगों की आस्था स्थल है उसको किस आधार पर अवैध करार देकर रातों-रात धराशायी कर दिया। इसका कोई औचित्य समाज की समझ में नहीं आता। उन्होंने कहा कि यह भाजपा सरकार की बहुजन समाज में जन्मे महापुरूष का अपमान करने की सोची-समझी साजिश है।

नरेन्द्र आर्य ने कहा कि भाजपा सरकार ने जो इन सन्तों का अपमान करने की साजिश रची है इसकी पूरा समाज भरपूर निंदा करता है। एएमवीए के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह डूमोलिया ने सैंकड़ों लोगों के साथ प्रदर्शन को सफल बनाने में पूर्ण योगदान दिया।

प्रदर्शन में मुख्य रूप से हरिदास राठी, जगत सिंह कलसन, ईश्वर सिंह भौरिया, सतवीर सिंह माजरा, ताराचन्द बागड़ी, मास्टर जयपाल, डॉ. दिनेश निम्बडिय़ा, डॉ. गुलशन, डॉ. भूप सिंह गौड़, फूल सिंह भी, सुनील सोहलज, डॉ. हरिनिवास भी, शेर सिंह हालु, मुंशीराम सरोहीवाल, खजान सिंह बड़बड़, संतराम सिन्धु, आर.के. रंगा, महावीर सिंह, सुनील कुमार, सूबेदार राम सिंह, प्रवीन कुमार, बिजेन्द्र भम्भेवा, सन्दीप पहरावर, पवन कबूलपुर, मोनू तपस्या, प्रीतम, हनुमान बौद्ध, पोलंगी के सरपंच संजय, मदन मुंगाण आदि सहित सैंकडों लोग शामिल रहे।