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परंपरा के नाम  बकरीद पर ‘कुर्बानी’ कब तक ?

परंपरा के नाम  बकरीद पर ‘कुर्बानी’ कब तक ?
किसी भी धर्म में नहीं कही गई जीव हत्या की बात
सामाजिक ढ़ाचा और जीवन पशुओं के बिना अधूरा 

 

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरुग्राम  ईद-उल-अजहा के मौके पर जानवरों की कुर्बानी देने और नहीं देने का मुद्दा भी बहस के साथ-साथ गरम हो गया । देश के विभिन्न हिस्सों सहित मुस्लिम देशों से भी सभी वर्गों के लोगों के द्वारा कुर्बानी के पक्ष और विरोध में खुलकर अपनी राय व्यक्त की जा रही है। इस बहस का सबसे सुखद और सकारात्मक पहलू यह दिखाई दिया कि गाय की कुर्बानी नहीं दिए जाने की एकमत से राय जाहिर करते हुए विचार पोस्ट और शेयर किए गए हैं।
जब से मोदी सरकार बनी है लोगों को तमाम प्रकार की बुराईयों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। जानवरों की कुर्बानी देने और नहीं देने का मुद्दा गरम होने का कारण शिक्षित होने के साथ ही बढ़ती मंहगाई को भी माना जा रहा है। यही वजह है कि जीव हत्या के भी विरोध में आवाज उठना शुरू हो गई है। इसी कड़ी में आश्रम हरिमंदिर शिक्षण संस्थाओं के संचालक महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव महाराज का कहना है कि सती प्रथा को भी कानून बंद किया गया। धर्म-परंपरा के नाम अथवा आड़ में किसी भी स्त्री को जीवित जलने के लिए मजबूर किया जाना, जीव हत्या जैसा ही है। देश के कई मंदिरों में भी पशु बलि दिए जाने पर रोक लगा दी गई है।
वहीं महाकाल संस्थान के अधिष्ठाता महामंडलेश्वर स्वामी ज्योति गिरि का भी मानना है कि परंपरा के नाम पर चली आ रही सामाजिक बुराई पर स्वत: ही रोक लगा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी धर्म जीव हत्या की बात नहीं कहता है। हमारा सामाजिक ढ़ाचा और जीवन पशुओं के बिना अधूरा है, फिर बेजुबान जानवर की बली नहीं दी जानी चाहिए। उन्होने ठोस शब्दों में कहा कि जब अन्य तमाम सामाजिक कुरीतियों पर कानून सख्त है तो न्यायपालिका को भी परंपरा के नाम पर चली आ रही जानवरों की कुर्बानी पर संज्ञान लेते हुए कठोरता से फैंसला लेना चाहिए। पंडित कैलाश चंद्र बाली के शिष्य और हजरत बाबा सैय्यद नुरूद्दीन दरगाह के गद्दीनशीं सैय्यद एजाज हुसैन जैदी भी जानवरों की दी जाने वाली कुर्बानी से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। उनका मानना है कि हमें अपने अंदर के शैतान की कुर्बानी देनी चाहिए। इस के अलावा सोशल माडिया पर डबल रोटी अथवा जन्म दिन जैसे केक के जैसे बनाए गए बकरे पोस्ट करके इनकी प्रतिकात्मक बली दिए जाने की बातें पोस्ट और शेयर की गई हैं।