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बिहार- सहरसा की अखबारों से टपकते खून का जिम्मेदार कौन ?

सहरसा की अखबारों से टपकते खून का जिम्मेदार कौन ?

हत्या के मामले में गिरफ्तारी के लिए D. G. P बिहार से सोशल मीडिया के जरीये लगायी इंसाफ की गुहार ।

सहरसा के अखबार से टपकता है खून ।

जी हाँ, नितीश कुमार का इतिहास भी हो रहा है कलंकित।

जी हाँ वाक्या बिहार के सहरसा जिला के बिहरा थाना कांड संख्या -176/16 से संबंधित है । ञात हो की दिनांक 20 नवंबर 2016 को 22 वर्षीय बिकास कुमार की हत्या अजय यादव नामक सुपाड़ी किलर ने धोखे से बुलाकर कर दी थी, इस केस में आईविटनेस तक है । तब से आज तक मृतक की माँ इंसाफ के लिए D. S. P. , S. P. , I. G, D. I. G तक हर अधिकारी की चौखट – चौखट आँखों में आंसू लिए भटक कर, थक हार कर , बेटे के साथ -साथ इंसाफ की आस को भी मरा हुआ मान कर लालार बेवस हो गई है। लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी सहरसा पुलिस हत्यारे को नहीं पकड़ पायी है । ये सुशासन के मुंह पर एक कलंक की तरह है । सहरसा में आये दिन हर रोज हत्यायें हो रही है हर रोज की अखबार से मानो खून टपकता है और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सो रही है । बीते 15-20 दिन पहले हत्यारा सुपौल जिला के एक अन्य केस नं0 – 353/14 (307 , Arms act) में सुपौल न्यायालय में अपना जमानत करवाता है और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती है ।

हद तो तब हो गई कि परिजनों द्वारा कभी- कभी हत्यारे का ट्रेस बताने पर D. S. P कहते हैं कि अपराधी रात को सोता कहां है ये पता किजीये तब पकड़ पाएँगे। जो पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खडा़ तो करता है ।

India Now24 द्वारा माध्यम सोशल मीडिया को चुनने के बारे में पूछने पर मृतक विकास की माँ ने बताया कि उसने अपने भतीजे के मोबाइल में D. G. P गुप्तेश्वर पांडे का विञापन वाला विडियो देखा जिसमें D. G. P साहब पूरी जिम्मेदारी के साथ बिहार के लोगों से अपील कर रहे हैं कि अगर आपकी शिकायत कहीं अनसुनी की जा रही है तो उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से सूचित करें अविलम्ब कार्रवाई होगी । तो मृतक की माँ कल्पना देवी के मन में पुनः से एक आस जगी की उसके बेटे को भी इंसाफ मिल सकता है और अब कोई दरबार भी नहीं बचा है जहाँ वो अपना दुखड़ा ले कर जा सकती है ।

India Now24 के समक्ष रोते रोते मृतक की माँ ने बताया की एक देहात की गृहिणी माँ के लिए उसका बच्चा ही सबकुछ होता है वो उसी को देख देख कर अपनी जिन्दगी का मतलब निकालती है। और माननीय D. G. P साहब भी उसी तरह की एक माँ के पुत्र हैं वो उनके दर्द को जरूर समझेंगे।

अब देखना ये है कि ,

1)क्या बिहार का सिस्टम वाकई इतना चुस्त दुरूस्त हो गया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से भी आम जनता अपनी गुहार लगा सकती है ?

2) या फिर D. G. P साहब का वो अपील वाला विडियो सिर्फ एक टीक टॉक विडियो की तरह था? 

जबकि हकीकत ये है कि 

बात अगर बिहार की हो तो सिस्टम से कोई उम्मीद करना ही अपना समय खराब करने से ज्यादा और कुछ नहीं है और उस बिहार में भी अगर बात सहरसा जिला के प्रशासन की बात हो तो उसमें ये सबसे आगे हैं ।

आज फिर 15 साल पहले का बिहार याद आ रहा है जब नितीश कुमार के अपराध नियंत्रण को बिहार के गली मुहल्ले के साथ साथ देश दुनिया के विभिन्न हिस्सों में सराहा जा रहा था, क्या ये वही नितीश कुमार की सरकार है?

माननीय मुख्यमंत्री नितीश कुमार जी से India Now 24 की अपील है कि उनसे ऐसी उम्मीद नहीं थी जनता को, कम से कम अपना इतिहास कलंकित होने से बचा लिजीए ।