Breaking News देश राज्य होम

 मेरी फसल मेरा ब्यौरा स्कीम के तहत रजिस्टेªशन करवाने वाले किसान को मिलेगे 10 रूपए प्रति एकड़- मुख्य सचिव

 मेरी फसल मेरा ब्यौरा स्कीम के तहत रजिस्टेªशन करवाने वाले किसान को मिलेगे 10 रूपए प्रति एकड़- मुख्य सचिव
– ई-खरीद पोर्टल पर किसान अपनी जमीन व फसल का रजिस्टेªशन 25 जुलाई तक करें

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरूग्राम । मेरी फसल मेरा ब्यौरा स्कीम के तहत ई-खरीद पोर्टल पर अपनी फसल का रजिस्टेªशन करवाने वाले किसान को 10 रूपए प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिसकी न्यूनतम राशि 20 रूपए तथा अधिकतम 50 रूपए होगी और रजिस्टेªशन करने वाले अटल सेवा केंद्र संचालक को 5 रूपए प्रति एंट्री मिलेंगे। इस पोर्टल पर फसल का रजिस्टेªशन करवाने की अंतिम तिथि 25 जुलाई निर्धारित की गई है।
राज्य सरकार किसानों के हितों को लेकर कितनी गंभीर है इसका पता इसी बात से चलता है कि प्रदेश की मुख्य सचिव श्रीमति केशनी आनंद अरोड़ा ने आज वीडियों काॅन्फें्रसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ बैठक करके ई-खरीद पोर्टल पर फसल का रजिस्टेªशन करवाने के कार्य के बारे मंे दिशा निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी उपायुक्तों को बताया कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल स्वयं प्रतिदिन इस पोर्टल पर रजिस्टेªशन कार्य की प्रगति के बारे में पूछते हैं।
– किसान द्वारा रजिस्टेªशन करने के बाद पटवारी और एडीओ करेंगे वैरिफाई।
बैठक में बताया गया कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा स्कीम के तहत ई-खरीद पोर्टल पर फसल का रजिस्टेªशन करने के लिए जिला स्तर पर एनआईसी द्वारा सभी अटल सेवा केंद्र संचालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और यह कार्य इस सप्ताह अंत तक पूरा किया जाएगा। श्रीमति अरोड़ा ने कहा कि अटल सेवा केंद्र पर जाकर किसान अपनी फसल का ब्यौरा दे और उसका रजिस्टेªशन करवाएं। इसके बाद इसकी वैरिफिकेशन पटवारी तथा कृषि विभाग के सहायक विकास अधिकारी द्वारा की जाएगी। यही नहीं, हरसैक से भी सैटेलाईट इमेजरी लेकर डाटा का मिलान किया जाएगा। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अधीन कार्यरत मार्केट कमेटी के सचिव भी इस डाटा को वैरिफाई करेंगे।
–  मेरी फसल मेरा ब्यौरा स्कीम कृषि भूमि के लिए वन स्टाॅप सैंटर का काम करेगी-वी उमाशंकर।
– भविष्य में जमीन संबंधी सभी प्रकार की कार्यवाही इसी से होगी संभव।
मुख्य सचिव के साथ बैठक में उपस्थित मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव वी उमा शंकर ने बताया कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा स्कीम कृषि भूमि के लिए एक प्रकार से वन स्टाॅप सैंटर का काम करेगी और जमीन संबंधी जितने भी कार्य होंगे वे इसी डाटा पर आधारित होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार चाहती है कि किसान अपनी जमीन और फसल की एंट्री ई-खरीद पोर्टल पर करना खुद सीखे। उन्होंने यह भी बताया कि पहले ई-खरीद पोर्टल पर रजिस्टेªशन फसलवार शुरू किया गया था, जिससे अब बदल दिया गया है। जिन्होंने पहले रजिस्टेªशन किया था, उन किसानों को भी अब पुनः रजिस्टेªशन करना जरूरी है। श्री उमाशंकर ने बताया कि इस पोर्टल में यह भी भरना होगा कि किसान अपनी जमीन पर खुद कास्तकार है या कोई अन्य कास्त कर रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि जमीन और फसल का पोर्टल पर रजिस्टेªशन करना मालिकाना हक नही देता। उन्होंने बताया कि रजिस्टेªशन के समय बैंक का जो खाता नंबर पोर्टल पर भरा जाएगा, फसल की खरीद के समय पैसे उसी खाते में डाले जाएंगे। श्री उमाशंकर ने कहा कि पोर्टल पर किस प्रकार रजिस्टेªशन किया जा सकता है, इसकी एक वीडियो क्लिप बनाकर मार्केटिंग बोर्ड द्वारा सभी संबंधित में शेयर की जाएगी।