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चित्रकूट – श का भविष्य विद्यालय के बालश्रम में उलझा

श का भविष्य विद्यालय के बालश्रम में उलझा

चित्रकूट। कौन कहता है कि बालश्रम होटल, दुकानों और ऊँची इमारतों में ही होता है, अगर आपको बालश्रम के पीछे की एक भयावह तस्वीर देखनी है तो चित्रकूट के परिषदीय विद्यालयों में आकर देखिये जहां बालश्रम की ऐसी भयावह और दिल को कुरेद देने वाली तस्वीर सामने आएगी जिसके बाद आप खुद सरकारी शिक्षा से पीछे भागने को विवश हो जायेंगे। जी हाँ अगर आपके बच्चे स्कूल जाते हैं, तो ये खबर खासतौर से आपके लिए है। हर माता-पिता के लिए जरूरी है कि, आपका बच्चा स्कूल में कितना सुरक्षित है। झांसी में प्राइमरी स्कूल में बिच्छू के काटने से चौथी क्लास के छात्र की मौत हो गई थी। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का आरोप है कि स्कूल में साफ-सफाई नहीं की जाती है,

जिस समय ये घटना हुई उस समय स्कूल की सफाई बच्चों से ही कराई जा रही थी। इस दौरान 11 साल के बच्चे को बिच्छू ने काट लिया और बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई और इस घटना के २४ घंटे भी नहीं बीते थे कि चित्रकूट का शिक्षा विभाग बच्चो के साथ ज़रा भी संजीदा नहीं हुआ और मानिकपुर पाठा के प्राथमिक विद्यालय केकरामर में खुलेआम बच्चो से बालश्रम करवाया जा रहा है। जिसकी भनक लगते ही सर्किल टीम ने उस तरफ रुख किया तो पाया गया कि प्रधानाध्यापक बच्चो से उनके मिड डे मील में उपयोग होने वाले चावल के बोरे को बच्चो द्वारा साइकिल से रखवाकर विद्यालय तक लाया गया और उन्ही नन्हे हाथो से उन बोरो को उठवाकर विद्यालय के किचन में रखवाने का काम किया गया। बच्चो ने कहा कि उनके शिक्षक उनसे यह काम हर रोज़ जबरन करवाते हैं और मजबूर छात्र जैसे तैसे म्हणत करके विद्यालय में बालश्रम करने को मजबूर होते हैं। वहीँ खंड शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार गुप्ता ने मामले की जांच कर कार्यवाही की बात कही है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है किघटना के २४ घंटे बीत जाने के बावजूद शिक्षा विभाग ऐसे बेपरवाह शिक्षक के खिलाफ अब तक कोई कठोर कदम नहीं उठा पाई है; अब ऐसे में कैसे पढ़ेगा और कैसे बढ़ेगा इंडिया जब शिक्षा विभाग देश के भविष्य का पहले से ही भविष्य खराब करने का इरादा बनाये हुए है।
INDIA NOW24
ब्यूरो रिपोर्ट राज बहादुर सिंह
मऊ चित्रकूट