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गुरुग्राम ! गुरुग्राम विश्वविद्यालय में एकादशी पर लगाई छबील

गुरुग्राम विश्वविद्यालय में एकादशी पर लगाई छबील

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरुग्राम विश्वविद्यालय में गुरु नानक जी के 550वें जन्मोत्सव के अवसर पर निर्जला एकादशी के दिन मीठे पानी की छबील और भण्डारे का योजन किया गया। इस दौरान गुरुग्राम विश्वविद्यालय के माननीय वाइस चांसलर डॉ. मार्कण्डेय आहुजा जी और नीमराणा के संत बाबा शंकरनाथ जी ने राहगीरों को प्रसाद देकर भण्डारे का शुभारंभ किया। विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने राहगीरों को ठंडा पानी पिलाकर उनकी प्यास बुझाई। एकादशी का दिन धार्मिक प्रवृति से विशेष महत्व रखता है वहीं गर्मी से बचने के लिए शरीर को अधिक पानी की ज़रुरत होती है। माननीय कुलपति डॉ मार्कण्डेय आहुजा जी ने कहा कि निर्जला एकादशी के दिन पानी पिलाने सबसे पुण्य का काम माना जाता है। वैसे भी हिंदू शास्त्र में पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य का काम माना जाता है। अगर निर्जला एकादशी का व्रत रखने वाला व्यक्ति इस दिन किसी को पानी पिलाता है तो यह सबसे बड़ा पुण्य का काम है। माना जाता है कि इस दिन पानी पिलाने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। ज्येष्ठ मास में गर्मी अपने चरम पर होती है। इस समय मनुष्य, जानवर और पक्षी सभी को जल की आवश्यकता होती है। लोग इस समय गर्मी से परेशान होते हैं । ऐसे मे जल वितरण करना न केवल धर्म की और से बल्कि मानवता के लिहाज से भी एक अच्छा कार्य माना गया है। गर्मी के इस मौसम में किसी भी जीव को एक गिलास पानी मिल जाए तो उसकी आत्म तृप्त हो जाती है और उसकी आत्मा पानी पिलाने वाले को आर्शीवाद देती है। इसलिए निर्जला एकादशी पर पानी पिलाने को सबसे पुण्यकारी कार्य माना गया है। इस दौरान गुरुग्राम विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ अमन वशिष्ठ, डॉ धीरेंद्र कौशिक, डॉ एसएन शर्मा, डॉ एनसी जैन, डॉ मेवा सिंह तुरान, डॉ बदरुद्दीन, डॉ पवन शर्मा, मुकेश, संजीव, डॉ शुभम गांधी समेत तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।