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गुरुग्राम।  एक बार फिर ‘राव पर भारी ’ सीएम ‘खट्टर का  दाव’

एक बार फिर ‘राव पर भारी ’ सीएम ‘खट्टर का  दाव’
पटौदी के विकास शिलापट्ट पर नहीं लिखा इंद्रजीत का नाम
अपना नाम देखकर जी भर मुस्कराई एमएलए बिमला चौधरी

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरुग्राम। यह कैसा आयोजन, जहां सांसद ही नहीं और जी भर फूल भी बरसाये गये! जी हां सही समझ रहें हैं आप, बात कर रहे हैं एक दिन पहले आयोजित लोकसभा चुनाव में जीत के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं का सीएम खट्टर के द्वारा किये गए अभिनंदन समारोह का। यहां बूथ लेवल से लेकर वरिष्ठ कार्यकर्ता सहित एमएलए भी मौजूद रहे। जो कमी खली वह थी जिसके लिए पार्टी कार्यर्ताओं ने रात दिन एक किया और रिकार्डतोड़ वोट के मार्जिन से सांसद बनाया, राव इंद्रजीत सिंह का दिखाई नहीं देना, अब एक बार फिर से चर्चा बनने लगा है। इससे भी बड़ी हैरानी रही कि, सीएम के द्वारा राव के गढ़ पटौदी सहित अन्य स्थानों (गुरुग्राम संसदीय क्षेत्र में) के लिए विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया, उनके शिलापट्ट पर भी मोदी मंत्रीमंडल में वजीर राव इंद्रजीत सिंह का नाम गायब ही रहा है।
बीजेपी पार्टी गाइड लाइन के मुताबिक लोकसभा चुनाव के बाद सूबे में दस का दम वोटर और कार्यकर्ताओं के दम पर भरने के बाद अभिनंदन सहित प्रोत्साहन समारोह का आयोजन किया जा रहा है। एेसे कार्यक्रमों में इलाके के सांसद के मौजूद रहना भी तय किया गया। लेकिन गुरुग्राम के कार्यक्रम में राव का दिखाई नहीं देना कई सवाल के साथ नई चर्चा का मुद्दा बनने लगा है।
सवाल यह है कि बड़े राव आये नहीं या बुलाया नहीं गया? जब कि पूरे प्रदेश में अभिनंदन सहित प्रोत्साहन समारोह का आयोजन का कार्यक्रम पहले ही तय करके घोषित भी किया हुआ है। जानकार सूत्रों के मुताबिक केंद्रीयमंत्री और गुरुग्राम के सांसद राव इंद्रजीत सिंह 10 से 14 तक बाहर  हैं। अब सवाल सहित लोगों में जिज्ञासा है कि, केंद्रीयमंत्री के 12 को मौजूद नहीं होने की जानकारी राज्य सरकार/प्रशासन को नहीं थी, बड़े राव को 12 के कार्यक्रम के बारे में समय रहते विश्वास में नहीं लिया गया या मामला कुछ अलग ही है? क्यों कि गुरुग्राम से पहले और जो भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित हुए वहां पर स्थानीय सांसद भी शामिल रहे हैं।
गुरुग्राम के कार्यक्रम में बड़े राव, केंद्रीयमंत्री राव इंद्रजीत सिंह खेमे की मानी जाने वाली पटौदी की एमएलए बिमला चौधरी और मेयर मधु अशोक आजाद के नाम प्रमुख हैं, हां शिलापट्ट पर सूबे के पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर और कृषि मंत्री ओपी धनखड़ का भी नाम अंकित है, लेकिन धनखड़ नहीं पहुंचे यह अलग बात है। शिलापट्ट पर अपने राजनीतिक आका राव इंद्रजीत सिंह के नाम नहीं होने से इतर पटौदी की एमएलए सीएम खट्टर के साथ मुस्कान बिखेरती खुश नजर आई कि, पटौदी के विकास  शिलापट्ट पर , इस विकास कार्य को मंजूर कराने वाले बाजेपी सह प्रवक्ता सत्य प्रकाश जरावता के नाम को जगह नहीं दी गई। बहरहाल चर्चा के केंद्र में सीएम खट्टर और मोदी मंत्रीमंडल के वजीर राव इंद्रजीत सिंह ही हैं।