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प्लास्टिक श्रेडिंग सैंटर का आयुक्त यशपाल यादव ने सैंटर का किया उदघाटन

प्लास्टिक श्रेडिंग सैंटर का आयुक्त यशपाल यादव ने सैंटर का किया उदघाटन
–    सैंटर में प्लास्टिक को श्रैड करके बिटुमन से निर्मित होने वाली सडक़ों में
किया जाएगा इस्तेमाल
–    पर्यावरण संरक्षण होने के साथ-साथ सडक़ों की गुणवत्ता में भी आएगा
सुधार
–    ज्यादा लम्बे समय तक चलेंगी प्लास्टिक के इस्तेमाल से बनने वाली
सडक़ें

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरूग्राम, 17 मई। नगर निगम गुरूग्राम द्वारा स्थानीय बेगमपुर खटोला में प्लास्टिक श्रेडिंग सैंटर की स्थापना की गई है। इस सैंटर का शुभारंभ शुक्रवार को नगर निगम गुरूग्राम के आयुक्त यशपाल यादव ने किया।
इस सैंटर की क्षमता प्रति घंटे 800 किलोग्राम प्लास्टिक को श्रैड करने की है। इस प्रकार प्रतिदिन यह 5 टन प्लास्टिक का निपटान करेगा। आगे इसकी क्षमता 10 टन प्रतिदिन करने की योजना है। सैंटर में प्लास्टिक की सफाई करके उसके छोटे-छोटे टुकड़े किए जाएंगे तथा पैंकिंग करके बिटुमन मिक्सर प्लांट पर ले जाया जाएगा। बिटुमन मिक्सर प्लांट में इसे बिटुमन के साथ मिक्स किया जाएगा तथा यह सडक़ निर्माण में उपयोग होगा। इस परियोजना को बैंगलौर की कंपनी केके प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमैंट द्वारा स्थापित किया गया है। कंपनी द्वारा निगम क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर प्लास्टिक परचेज सैंटर बनाए जाएंगे, जहां पर कोई भी व्यक्ति 6 रूपए प्रति किलोग्राम की दर से प्लास्टिक बेच सकेगा। इस परियोजना की एवज में नगर निगम गुरूग्राम कंपनी को 23 रूपए प्रति किलोग्राम की दर से भुगतान करेगा। नगर निगम द्वारा पायलेट प्रोजैक्ट के तहत दिसम्बर माह में 100 मीटर सडक़ का निर्माण प्लास्टिक के इस्तेमाल से किया गया था। इसके सकारात्मक परिणाम आए हैं तथा अब भविष्य में बनने वाली सभी बिटुमन सडक़ों में प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जाएगा। नगर निगम द्वारा जारी किए जाने वाले टैंडरों में यह शर्त होगी कि बिटुमन सडक़ निर्माण में प्लास्टिक का इस्तेमाल होना चाहिए।
प्लास्टिक के इस्तेमाल से बनने वाली बिटुमन सडक़ ना केवल मजबूत होंगी, बल्कि उनकी गुणवत्ता अच्छी होगी और बरसात के मौसम में खराब भी नहीं होंगी। इस प्रकार एक ओर जहां प्लास्टिक की समस्या से मुक्ति मिलेगी, वहीं दूसरी ओर लम्बे समय तक चलने वाली सडक़ों का निर्माण किया जाएगा। प्लास्टिक पर्यावरण के लिए बहुत अधिक हानिकारक है और ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 के अनुसार इसका समाधान किया जाना बहुत ही जरूरी है। इस मौके पर एडीशनल म्यूनिसिपल कमिशनर वाईएस गुप्ता, चीफ इंजीनियर एनडी वशिष्ठ, कार्यकारी अभियंता गोपाल कलावत, विवेक गिल एवं अजय निराला, केके प्लास्टिक से रसूल खान और उनकी टीम के सदस्य उपस्थित थे। निगमायुक्त ने प्लास्टिक श्रेडिंग सैंटर की कार्यप्रणाली को भी देखा।

‘इस प्लांट से एक ओर जहां प्लास्टिक का सही तरीके से समाधान करके पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर प्लास्टिक के मिश्रण से बनने वाली सडक़ें और अधिक मजबूत तथा ज्यादा लम्बे समय तक चलेंगी। कंपनी द्वारा बैंगलोर में सफलतम कार्य किया जा रहा है।’-यशपाल यादव, आयुक्त नगर निगम गुरूग्राम।