Breaking News देश राजनीती राज्य होम

डीएम ने किया नालों का निरीक्षण

फतेहपुर 12 मई 2019

डीएम ने किया नालों का निरीक्षण
बरसात के पूर्व कार्य पूरा करने के दिये निर्देश—

फतेहपुर। जिलाधिकारी संजीव सिंह ने दिनांक 12/05/19 दिन रविवार को अपराहन शहर में निर्माणाधीन नालों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जल निगम व नगर पालिका परिषद सदर के अधिकारियों को निर्देश दिया कि बरसात से पहले ही निर्माण कार्य को पूरा करा लिया जाये। ताकि नागरिकों को जलनिकासी की समस्या से न जूझना पड़े।

▪उन्होंने उत्तरी गौतमनगर से दक्षिणी गौतमनगर व वर्मा तिराह तक जायजा लेते हुए निर्देशित किया कि नाला निर्माण कार्य के दौरान जो मलवा निकाल कर किनारे लगाया गया है। उसे तत्काल हटाया जाये और नाले की सफाई करके सिल्ट भी हटवाई जाये ताकि वह बरसात के पानी से वापस नाले में न जाये। साथ ही नाले के किनारे पड़े गोबर को देखकर रोष जताते हुए नगर पालिका परिषद को निर्देश दिये कि सम्बन्धित को तत्काल नोटिस भेजें।

▪ उन्होंने मुराईन टोला स्थित नवइया तालाब, खलीलनगर तालाब, कूंड़ तालाब का स्थलीय जायजा लेते हुए जल निकासी की जानकारी प्राप्त की। नगर पालिका परिषद को निर्देश दिये कि तालाबों की साफ सफाई करा दी जाये ताकि जल निकासी प्रभावित न हो।

▪बिन्दकी बस स्टाप से जिला चिकित्सालय जाने वाले मार्ग के किनारे जलभराव देखकर यहां भी नाला निर्माण के निर्देश दिये। वहीं उन्होंने आबूनगर से बस स्टाप तक अधूरे नाला निर्माण का कार्य शीर्घ्र पूरा करने को कहा।

▪इस दौरान जल निगम एवं नगर पालिका परिषद सदर के अधिकारी एवं जिला सूचना अधिकारी आरएस वर्मा उपस्थित रहे।

▪जल निगम द्वारा जानकारी दी गई कि फतेहपुर स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज योजना राज्य सेक्टर के अंतर्गत नाला निर्माण के किए गए कार्य की प्रथम किस्त वर्ष 2015में प्राप्त हुई है तथा इसके पश्चात इस कार्य की द्वितीय किस्त 17 करोड़ शासन स्तर से अवमुक्त ना होने के कारण नाला निर्माण का कार्य बाधित है। हालांकि ठेकेदार द्वारा लंबित द्वितीय किस्त के सापेक्ष 5 करोड़ का अतिरिक्त कार्य किया जा चुका है।

▪ शासन स्तर पर लंबित द्वितीय किस्त की मांग के संबंध में जिलाधिकारी महोदय द्वारा गत माह अप्रैल-19 में शासन को पत्र प्रेषित किया जा चुका है ।

▪जिलाधिकारी महोदय ने निर्देशित किया कि नगर पालिका एवं जल निगम द्वारा किस तरह की व्यवस्था की जाए की वर्तमान में तथा आगामी वर्षा ऋतु में जलभराव की स्थिति शहर के भीतर उत्पन्न ना हो ।