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अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन नृत्य के क्षेत्र में असीम संभावनाएं : देव कुमार

अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन
नृत्य के क्षेत्र में असीम संभावनाएं : देव कुमार

संजय पांचाल

रोहतक,अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस पर आज स्थानीय सेक्टर-3 में हरियाणवी कलाकारों की एक संगोष्ठी का आयोजन सुप्रसिद्ध कलाकार देव कुमार देवा की अध्यक्षता में हुआ। इस अवसर पर देव कुमार देवा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस प्रत्येक वर्ष 29 अप्रैल को विश्व स्तर पर मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस की शुरुआत 29 अप्रैल 1982 से हुई। यूनेस्को की सहयोगी अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच संस्था व अंतर्राष्ट्रीय नृत्य समिति ने 29 अप्रैल को नृत्य दिवस के रूप में स्थापित किया था। एक महान् रिफॉर्मर जीन जार्ज नावेरे के जन्म की स्मृति में यह दिन अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस को पूरे विश्व में मनाने का उद्देश्य जनसाधारण के बीच नृत्य की महत्ता का अलख जगाना था। साथ ही लोगों का ध्यान विश्वस्तर पर इस ओर आकर्षित करना था। जिससे लोगों में नृत्य के प्रति जागरूकता फैले। साथ ही सरकार द्वारा पूरे विश्व में नृत्य को शिक्षा की सभी प्रणालियों में एक उचित जगह उपलब्ध कराना था। सन 2005 में नृत्य दिवस को प्राथमिक शिक्षा के रूप में केंद्रित किया गया। विद्यालयों में बच्चों द्वारा नृत्य पर कई निबंध व चित्र भी बनाए गए। 2007 में नृत्य को बच्चों को समर्पित किया गया।

देव कुमार देवा ने कहा कि हमें अपने बच्चों को नृत्य के क्षेत्र में पारंगत बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिये। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में करियर की असीम संभावनाएं हैं तथा नृत्य स्वयं में एक व्यायाम है। जिससे मनुष्य को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर नृत्य को आगे बढ़ाना चाहिये।

अजय हुड्डा ने कहा कि स्कूली स्तर पर ही बच्चों को नृत्य की शिक्षा दी जानी चाहिये। जिससे वे अपने जीवन में इसके ऊंचे मुकाम को छू सकें। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चों में टैलेंट की कमी नहीं है लेकिन उस टैलेंट को स्टेज पर लेकर आने वाले मौकों की अवश्य कमी है। उन्होंने कहा कि सभी को मिल-जुलकर इस कमी को पूरा करना चाहिये।

इस अवसर पर मुख्य रूप से अजय हुड्डा, अंजलि राघव, अनु कादियान, दीपक अहलावत आदि ने भी अपने विचार रखे।